Ranchi: झारखंड के अंचल और राजस्व कार्यालयों की स्थिति इन दिनों बेहद चिंताजनक बनी हुई है. राज्य में हजारों पद खाली होने के कारण आम लोगों को छोटे-छोटे काम के लिए भी बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं. इसका असर सीधे तौर पर जमीन से जुड़े मामलों जैसे दाखिल-खारिज, रसीद कटवाना और म्यूटेशन पर पड़ रहा है.
अंचल कार्यालयों में स्थिति यह है कि यदि कोई व्यक्ति अपने काम के लिए पहुंचता है, तो उसे कई बार लौटना पड़ता है. अधिकारी आश्वासन तो देते हैं कि काम जल्द होगा, लेकिन कर्मचारियों की भारी कमी के कारण फाइलें समय पर आगे नहीं बढ़ पातीं. खासकर अंचल निरीक्षक, राजस्व उप निरीक्षक, अमीन और लिपिक जैसे अहम पदों पर कर्मियों की कमी सबसे बड़ी समस्या बन चुकी है.
कर्मचारियों की कमी का के कार दाखिल-खारिज और म्यूटेशन में महीनों की देरी हो रही है. जमीन संबंधित विवादों का समय पर निपटारा नहीं हो रहा है. आम लोगों को रसीद और प्रमाण पत्र के लिए कई बार कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं.
चौंकाने वाले आंकड़े
राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग के तहत अंचल कार्यालयों में पदों की स्थिति इस प्रकार है:
अंचल निरीक्षक के स्वीकृत पद 372 जिसमें कार्यरत 253 और खाली पद 119
राजस्व उप निरीक्षक के 2144 स्वीकृत पद, 1163 कार्यरत, 981 रिक्त
अमीन: 280 स्वीकृत पद, 89 कार्यरत, 191 रिक्त
लिपिक: 2269 स्वीकृत पद, 1982 कार्यरत, 287 रिक्त
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