Ranchi: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान विधायक जिग्गा सुसारण होरो ने सरकार के बजट के समर्थन में अपनी बात रखते हुए जल संसाधन और किसान कल्याण से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की. उन्होंने कहा कि राज्य में सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है.
उन्होंने बताया कि ऊंचाई पर स्थित कृषि योग्य भूमि में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए भूमिगत पाइपलाइन और मेगा सिंचाई योजनाओं पर काम किया जा रहा है. लघु सिंचाई क्षेत्र के अंतर्गत 269 चेक डैम का निर्माण कराया गया है, जिससे लगभग 18,300 हेक्टेयर सिंचाई क्षमता का सृजन हुआ है. वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जल संसाधन विभाग के लिए 2715 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया है.
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विधायक ने पारस जलाशय योजना का जिक्र करते हुए कहा कि जब विपक्ष सत्ता में था, तब इस योजना की अनदेखी की गई और डैम में हमेशा लीकेज की समस्या बनी रहती थी. उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 के बाद सरकार ने इस योजना पर ध्यान दिया और अब वहां के किसान सफलतापूर्वक खेती कर रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष केवल सूचनाओं के माध्यम से बाधा डालता है, जबकि सरकार काम करने में विश्वास रखती है.
सदन में बोलते हुए उन्होंने केंद्र और राज्य के बीच तालमेल की कमी का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार गैर भाजपा शासित राज्यों के साथ भेदभाव करती है और राज्य का जायज पैसा रोक कर रखा गया है. उन्होंने कहा कि यह पैसा किसी व्यक्ति का नहीं बल्कि राज्य के आदिवासियों, मूलवासियों, पिछड़ों और दलितों का है.
उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली सरकार को अबुआ सरकार बताते हुए कहा कि सरकार शुद्ध जल, शुद्ध हवा, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाएं लोगों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है. अंत में उन्होंने विपक्ष से राज्य के विकास में सहयोग करने की अपील की.
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