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होर्मुज स्ट्रेट से गुजर कर तेल का टैंकर मुंबई पहुंचा, हालात बिगड़े तो नौसेना एस्कॉर्ट कर सकती है

  • टैंकर सऊदी अरब से कच्चा तेल लेकर 1 मार्च को निकला था
  • ईरान ने भारतीय झंडे वाले जहाजों को सुरक्षित गुजरने की अनुमति दी
  • PMO में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार की निगरानी में उच्चस्तरीय समीक्षा
  • 40 जहाज और 1100 भारतीय नाविक फारस और ओमान की खाड़ी के आसपास

 Mumbai/Delhi : होर्मुज स्ट्रेट से गुजर कर कच्चे तेल से भरे एक टैंकर के सुरक्षित मुंबई बंदरगाह पहुंचने की खबर है. ईरान-अमेरिका और इजरायल युद्ध शुरू होने के बाद यह पहला जहाज है, जो  होर्मुज स्ट्रेट से पार कर भारत पहुंचा है. उस पर 1,35,335 मीट्रिक टन कच्चा तेल लदा हुआ हैय


 

मुंबई पोर्ट ट्रस्ट के अनुसार टैंकर बुधवार को मुंबई बंदरगाह पर पहुंचा है. जानकारी के अनुसार Shenlong Suezmax का तेल टैंकर लाइबेरिया के झंडे के तहत यात्रा कर रहा था.  इसके कप्तान भारतीय था. टैंकर सऊदी अरब के रास तनूरा बंदरगाह से कच्चा तेल लेकर 1 मार्च को निकला था, जो होर्मुज स्ट्रेट होते हुए मुंबई पहुंचा.

 

 

अधिकारियों के अनुसार जहाज को संवेदनशील समुद्री मार्ग होर्मुज से गुजरने की अनुमति ईरान द्वारा प्रदान की दी थी. सूत्रों ने कहा कि ईरान ने भारतीय झंडे वाले जहाजों को यहां से सुरक्षित गुजरने की अनुमति देने का फैसला किया है.

 

ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना के कमांडर रियर एडमिरल अलीरेजा तांगसिरी ने आदेश जारी कर कहा है कि जो भी जहाज होर्मुज स्ट्रेट से गुजरना चाहेगा, उसे पहले ईरान की अनुमति लेनी होगी. इजाजत नहीं लेने पर उसे निशाना बनाया जा सकता है. 

 

सूत्रों ने बताया कि विदेश मंत्री एस जयशंकर की ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से हुई टेलीफोनिक बातचीत के बाद ईरान ने भारतीय टैंकरों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित गुजरने की अनुमति दी  है. 

 

ईरान ने कहा है कि जो जहाज अमेरिका और इजरायल के हितों से जुड़े नहीं हैं, उन्हें सुरक्षित रूप से गुजरने दिया जाएगा. होर्मुज  स्ट्रेट दुनिया के अहम ऊर्जा मार्गों में शामिल है.  इस संकरे समुद्री रास्ते से हर दिन लगभग दो करोड़ बैरल से ज्यादा कच्चा तेल लाद कर टैंकर गुजरते हैं.

 

एक अहम खबर यह है कि  होर्मुज जलडमरूमध्य के पास फंसे भारतीय जहाजों को विषम परिस्थितियों में वहां से सुरक्षित निकालने के लिए भारत सरकार नौसेना तैनात करने की सोच रही है. सरकारी सूत्रों के अनुसार वर्तमान में 40 जहाज और 1100 से ज्यादा भारतीय नाविक फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के आसपास हैं.

 

जहाज ईरान के पास समुद्री क्षेत्र से सुरक्षित बाहर निकलने का वेट रहे हैं. अच्छी खबर यह है कि ईरान ने भारत को आश्वासन दिया है कि भारतीय झंडे वाले जहाजों को सुरक्षित रास्ता मिलेगा. जाएगा.  

 

सूत्रों के अनुसार इस  घटनाक्रम पर PMO में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की निगरानी में उच्चस्तरीय समीक्षा चल रही है. अधिकारी इस बात का आकलन कर रहे हैं कि यदि क्षेत्र में  सुरक्षा हालात और गंभीर हो जाने पर नौसेना के युद्धपोत व्यापारी जहाजों की सुरक्षा के लिए तैनात किये जा सकते हैं.

 

खबरों के अनुसार पश्चिम एशिया में फंसे जहाजों के संचालकों ने सरकार से नौसेना की सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की है. सरकार इन मांगों की समीक्षा कर रही है.  

 

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