Ranchi : झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने राज्य में प्रस्तावित विशेष सघन पुनरीक्षण (SIR) 2025-26 को लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) को पत्र भेजकर कई महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं. पार्टी ने मतदाता सूची की शुद्धता, पारदर्शिता और बूथ स्तर के अधिकारियों (BLO) की कार्यप्रणाली को लेकर सात बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा है.
झामुमो के महासचिव विनोद कुमार पाण्डेय ने पत्र में कहा है कि बिहार में हुए SIR 2023 के दौरान केवल अनमैप्ड श्रेणी में आने के कारण बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए थे. पार्टी ने आशंका जताई है कि झारखंड में भी ऐसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है.
पार्टी ने मांग की है कि किसी भी मतदाता को "अनमैप्ड" घोषित करने से पहले BLO द्वारा कम से कम दो अलग-अलग दिनों और अलग-अलग समय पर भौतिक सत्यापन किया जाए. इसके लिए एक स्पष्ट और लिखित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी करने की भी मांग की गई है.
झामुमो ने संथाल परगना, कोल्हान और दक्षिण छोटानागपुर जैसे क्षेत्रों की भौगोलिक और भाषाई परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा है कि अनुसूचित क्षेत्रों में स्थानीय भाषाओं, विशेषकर संथाली और मुंडारी, का ज्ञान रखने वाले BLO की तैनाती सुनिश्चित की जानी चाहिए. इससे मतदाताओं के साथ बेहतर संवाद स्थापित हो सकेगा.
पार्टी ने चुनावी प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता की मांग करते हुए कहा है कि मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को प्रारूप मतदाता सूची के प्रकाशन से पहले भागवार अनमैप्ड मतदाताओं की सूची और प्रस्तावित विलोपन की सूची उपलब्ध कराई जाए. इसके अलावा Form-6 के माध्यम से जोड़े गए नए मतदाताओं की अलग सूची भी राजनीतिक दलों को देने की मांग की गई है, ताकि स्वतंत्र स्तर पर सत्यापन किया जा सके.
झामुमो ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी से पत्र में उठाए गए सभी सात सवालों का लिखित जवाब 15 कार्य दिवसों के भीतर देने का अनुरोध किया है. पार्टी का कहना है कि इससे मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया में पारदर्शिता और जनभागीदारी को बढ़ावा मिलेगा.
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