Ranchi News : झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने कहा कि एमएमडीआर संशोधन कानून के खिलाफ पार्टी का आंदोलन अब और तेज किया जाएगा. उन्होंने कहा कि झारखंड की जल, जंगल, जमीन और खनिज संपदा पर राज्य के अधिकार से कोई समझौता नहीं होगा.
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विनोद पांडेय ने कहा कि झामुमो ने शनिवार को राज्य के प्रखंड मुख्यालयों पर विरोध प्रदर्शन किया. अब आंदोलन को जिला मुख्यालयों तक ले जाया जाएगा. इसके बाद राज्य स्तर पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा.
उन्होंने कहा कि एमएमडीआर संशोधन कानून से झारखंड के खनिज राजस्व और राज्यों के अधिकार प्रभावित होंगे. झारखंड को खनन के कारण प्रदूषण, विस्थापन और पर्यावरण को नुकसान उठाना पड़ता है. ऐसे में खनिज से मिलने वाले राजस्व पर राज्य का अधिकार जरूरी है.
विनोद पांडेय ने भाजपा पर भी सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि भाजपा ने झारखंड सरकार से 1.36 लाख करोड़ रुपये के बकाये का हिसाब मांगा था. अब भाजपा को भी इस बकाये पर जवाब देना चाहिए.
राज्य सरकार के अनुसार इसमें करीब 1.01 लाख करोड़ रुपये भूमि मुआवजा, करीब 32 हजार करोड़ रुपये कॉमन कॉज से जुड़े बकाये और करीब 2,500 से 2,900 करोड़ रुपये वॉश्ड कोल रॉयल्टी समेत अन्य रकम शामिल है.
उन्होंने कहा कि झामुमो इस मुद्दे को सड़क से लेकर संवैधानिक और कानूनी मंच तक उठाएगा. केंद्र सरकार जब तक झारखंड के हितों से जुड़े प्रावधानों पर दोबारा विचार नहीं करती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.
विनोद पांडेय ने कहा कि यह सिर्फ झामुमो का आंदोलन नहीं है, बल्कि झारखंड के अधिकार और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है. जल, जंगल, जमीन और खनिज पर झारखंड के अधिकार की लड़ाई जारी रहेगी.
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