Ranchi: झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) कार्यालय के बाहर आज अभ्यर्थियों ने उम्र सीमा में कटौती की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया. अभ्यर्थियों ने वर्तमान विज्ञापन में निर्धारित 2017 की कट-ऑफ तिथि तय की गई थी, जिसे संशोधित कर झारखंड सरकार द्वारा 2022 की गई. लेकिन अभ्यर्थियों की मांग है कि हाईकोर्ट ने आदेश देकर इसे 2018 करने की बात कही है, जिसे अभी तक लागू नहीं किया गया है.
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि पिछला विज्ञापन 2017 की कट-ऑफ तिथि पर आधारित था, ऐसे में अगली कट-ऑफ 2018 होनी चाहिए. उनका आरोप है कि झारखंड सरकार द्वारा 2022 की कट-ऑफ तय किए जाने से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होने से वंचित हो जाएंगे.
छात्र नेता राहुल कुमार क्रांति ने बताया कि इस मामले को लेकर अभ्यर्थी हाईकोर्ट की शरण में भी गए थे. उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट ने 20 फरवरी को अंतरिम आदेश जारी करते हुए आयोग को विशेष लिंक जेनरेट कर आवेदन स्वीकार करने का निर्देश दिया था. बावजूद इसके आदेश के पांच दिन बाद भी आयोग की ओर से न तो कोई लिंक जारी किया गया है और न ही कोई आधिकारिक सूचना दी गई है.
प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार और मुख्यमंत्री पर भी सवाल उठाए. उनका कहना है कि 2017 के बाद सीधे 2022 या 2026 की कट-ऑफ निर्धारित करना तर्कसंगत नहीं है. अभ्यर्थियों ने कहा कि वे सरकार से नियुक्ति की मांग नहीं कर रहे, बल्कि केवल परीक्षा में बैठने का अवसर चाहते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि 40 वर्ष के आसपास के अभ्यर्थियों को ‘ओवरएज’ बताकर बाहर करना युवाओं के साथ अन्याय है.
अभ्यर्थियों ने बताया कि वे राज्यपाल और मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंप चुके हैं और नियमसम्मत तरीके से अपनी मांग रख रहे हैं. चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि यदि जल्द ही कोर्ट के आदेश के अनुरूप लिंक जारी नहीं किया गया और उम्र सीमा में संशोधन नहीं हुआ, तो वे उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे. फिलहाल आयोग की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
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