Ranchi: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षाओं के नतीजों में कथित गड़बड़ी और अनियमितताओं की शिकायतों के बीच आयोग के चेयरमैन एल ख्यांगते (Lalbiaktlunga Khiangte) ने मंगलवार रात अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. हालांकि अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
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सीआईडी की हालिया कार्रवाई और छापेमारी के बाद चेयरमैन का इस्तीफा सामने आने की सूचना है. इस घटनाक्रम से JPSC की परीक्षा व्यवस्था पर सवाल और गहरा गए हैं. आयोग में असिस्टेंट एक्जामनेशन कंट्रोलर श्वेता गुप्ता के मामले को लेकर आयोग के अध्यक्ष भी विवादों में घिरे हुए थे.
जेपीएसपी द्वारा आयोजित की जाने वाली परीक्षा का काम उत्तर प्रदेश की TDPL को दे दिया गया था. यह कंपनी परीक्षा में गड़बड़ी करने की वजह से उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा ब्लैक लिस्ट की जा चुकी है. जेपीएससी में परीक्षा का काम ब्लैक लिस्टेड कंपनी को दिये जाने के मुद्दे पर काफी दिनों से विवाद कायम था.
इस सिलसिले में सरकार से कई तरह की शिकायते की गयी थी. इसके बाद सरकार ने मई 2026 में असिस्टेंट एक्जामिनेशन कंट्रोलर श्वेता गुप्ता को आयोग से हटा कर खाद्य आपूर्ति विभाग में पदस्थापित कर ने से संबंधित अधिसूचना जारी की थी. साथ ही आयोग में दूसरे अधिकारियों को पदस्थापित किया था. लेकिन आयोग ने श्वेता गुप्ता को विरमित नहीं किया. इसके अलावा नव पदस्थापित अधिकारियों को परीक्षा से संबंधित कोई काम आवंटित नहीं किया.
मामले की गंभीरता के देखते हुए कार्मिक प्रशासनिक विभाग ने आयोग को पत्र लिख कर श्वेता गुप्ता को विरमित करने का आदेश दिया. लेकिन आयोग ने श्वेता गुप्ता को विरमित नहीं किया. वह अभी भी आयोग में असिस्टेंट एक्जामिनेशन कंट्रोलर के रूप में कार्यरत थी. इस मुद्दे को लेकर आयोग के अध्यक्ष पर भी कई तरह के सवाल उठाये जा रहे थे.
मंगलवार को सीआईडी और पुलिस की संयक्त छापामारी के बाद श्वेता गुप्ता को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया गया है. इस बीच आयोग के अध्यक्ष के भी इस्तीफे की खबर है.
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