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JPSC घोटाला : पांच आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल, श्वेता गुप्ता, रामवीर,अभय तिवारी ने की बड़ी हेरा फेरी

Ranchi :  चार्जशीट में टीडीपीएल के निदेशक रामवीर सिंह को कथित ओएमआर घोटाले का मास्टरमाइंड बताया गया है. जबकि अभय तिवारी पर अभ्यर्थियों से पैसे लेकर परीक्षा में चयन कराने का भरोसा देने का आरोप लगाया गया है. आरोप पत्र में श्वेता गुप्ता पर उत्तर-कुंजी को आधिकारिक रूप से जारी होने से पहले साझा करने और टीडीपीएल कर्मचारियों के जरिए हवाई टिकट बुक कराए जाने का उल्लेख है.
 
झारखंड सीआईडी
  • अभय तिवारी पर अभ्यर्थियों से पैसे लेकर चयन का भरोसा देने का आरोप
  • श्वेता गुप्ता पर परीक्षा से पहले उत्तर-कुंजी साझा करने का आरोप

Ranchi :  झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली और ओएमआर शीट में हेराफेरी मामले में सीआईडी ने पांच आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है. इनमें जेपीएससी की तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता, परीक्षा एजेंसी टीडीपीएल के निदेशक रामवीर सिंह उर्फ आरवी सिंह, मार्केटिंग मैनेजर अभय कुमार तिवारी उर्फ मनोज कुमार तिवारी और एजेंसी के कर्मचारी मो. उस्मान एवं मो. एबाद शामिल हैं.

 

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सीआईडी जांच के अनुसार, आरोपियों पर परीक्षा से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा करने, ओएमआर शीट में कथित हेराफेरी करने, डिजिटल डेटा में बदलाव और अभ्यर्थियों से पैसे वसूलने सहित कई गंभीर आरोप हैं. चार्जशीट में टीडीपीएल के निदेशक रामवीर सिंह को कथित ओएमआर घोटाले का मास्टरमाइंड बताया गया है. जबकि मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी पर अभ्यर्थियों से पैसे लेकर परीक्षा में चयन कराने का भरोसा देने का आरोप लगाया गया है.

 

आरोपपत्र में श्वेता गुप्ता पर उत्तर-कुंजी को आधिकारिक रूप से जारी होने से पहले साझा करने और टीडीपीएल कर्मचारियों के जरिए हवाई टिकट बुक कराए जाने का उल्लेख है. वहीं, मो. उस्मान और मो. एबाद पर परीक्षा से संबंधित गोपनीय सामग्री व डिजिटल डेटा को बाहर ले जाने और उसमें कथित हेराफेरी करने की भूमिका निभाने का आरोप है. सीआईडी ने आरोपियों के खिलाफ तकनीकी, डिजिटल, वित्तीय और फॉरेंसिक साक्ष्य जुटाने का दावा किया है.

 

गौरतलब है कि पांचों आरोपियों को 22 जुलाई को न्यायिक हिरासत में भेजा गया था. जांच एजेंसी ने 90 दिनों की समय-सीमा के भीतर चार्जशीट दाखिल की है. अब अदालत आरोपपत्र और साक्ष्यों की समीक्षा के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया तय करेगी. आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अंतिम निर्णय अदालत में सुनवाई के बाद होगा.

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