Ranchi: झारखंड लोक सेवा आयोग(JPSC) ने रिजल्ट प्रकाशित करने के बाद सफल और असफल सभी उम्मीदवारों को उनकी कॉपियां दिखाने से संबंधित नियम बनाया है. लेकिन अब JPSC द्वारा अपने ही बनाये नियम का उल्लंघन करते हुए कॉपी दिखाने से इनकार किया जा रहा है. आयोग ने प्रथम अपीलीय पदाधिकारी के आदेश के बावजूद राजीव कुमार को कॉपी दिखाने से इनकार कर दिया है.
जेपीएससी ने परीक्षा में पारदर्शिता बनाये रखने के लिए रूल्स ऑफ प्रोसिडियोर 2002 के चैप्टर-III के रूल 4(xiii) में सफल और असफल सभी उम्मीदवारों को उनके मिले कुल नंबर का ब्योरा और कॉपी दिखाने का प्रावधान किया था. कॉपी देखने के लिए आवेदन देने की अंतिम तिथि रिजल्ट जारी होने के बाद 60 दिनों तक निर्धारित है.
इस नियम में इस बात का भी उल्लेख किया गया है कि रिजल्ट प्रकाशित होने के बाद सभी उम्मीदवारों के मार्कशीट का हार्ड कॉपी तैयार किया जायेगा. इस पर परीक्षा नियंत्रक,उप परीक्षा नियंत्रक, प्रोग्रामर और सहायक प्रोग्रामर का हस्ताक्षर होगा. इसकी एक प्रति जन सूचना पदाधिकारी को उपलब्ध करायी जायेगी. इसका उद्देश्य सूचना अधिकार अधिनियम 2005 के तहत सूचना मांगने वालों को सूचना देना बताया गया था. आयोग ने अपने इस नियम को कार्यालय आदेश जारी कर 15 जनवरी 2015 को लागू किया था. इस नियम के आलोक में कॉपी देखने के लिए सैकड़ों आवेदन आयोग के पास पड़े हुए हैं.
इन्हीं आवेदकों में से राज्य सरकार में कार्यरत प्रशाखा पदाधिकारी राजीव कुमार भी थे. सूचना नहीं मिलने के बाद उन्हें प्रथम अपीलीय पदाधिकारी के पास अपील किया. प्रथम अपीलीय पदाधिकारी ने आवेदन पर सुनवाई के बाद राजीव कुमार द्वारा मांगी सूचना उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. प्रथम अपीलीय पदाधिकारी द्वारा 17-10-2025 के आदेश के आलोक में जनसूचना पदाधिकारी ने परीक्षा नियंत्रक को पत्र लिखकर फ़ाइल मांगी, ताकि आवेदक को सूचना दी जा सके.
लेकिन अब तक राजीव कुमार को सूचना नहीं मिली. वे संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा 2023 में शामिल हुए थे. उन्होंने आयोग द्वारा बनाये गये नियम के आलोक में अपनी कॉपियां देखने की मांग की थी.
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