Ranchi News: जेपीएससी-जेएसएससी की परीक्षाओं में गड़बड़ी और नियुक्तियों में सुधार की मांग को लेकर 25 दिनों से चल रहा छात्रों का आंदोलन अब खत्म होने जा रहा है. जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में धरना और अनशन कर रहे छात्रों ने सरकार के फैसलों का स्वागत किया है. हालांकि, छात्रों ने साफ कर दिया है कि उनकी लड़ाई अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है.
छात्रों ने सरकार को 60 दिन का समय दिया है. उनका कहना है कि इस दौरान अगर बाकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो वे फिर से बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे.
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सरकार की ओर से जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द करने और वर्ष 2014 से अब तक हुई परीक्षाओं की न्यायिक जांच कराने के फैसले को छात्रों ने बड़ी उपलब्धि बताया है. आंदोलन के दौरान छात्रों ने मशाल मार्च, संविधान मार्च और मौन मार्च निकालकर अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाई थी.
आंदोलन के दौरान भूख हड़ताल कर रहे छात्रों का अनशन पद्मश्री मधु मंसूरी और पद्मश्री मुकुंद नायक तुड़वाएंगे. छात्रों की कोर कमेटी की बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आंदोलन के अगले कदम की जानकारी दी जाएगी.
छात्र नेता पीयूष ने कहा कि यह पूरी जीत नहीं, बल्कि आधी जीत है. कई मांगों पर अभी फैसला होना बाकी है. छात्रों ने योग्य अभ्यर्थियों को परिणाम से बाहर किए जाने और बीएसएससी समेत दूसरी नियुक्तियों में हुई गड़बड़ी की जांच की मांग भी उठाई है.
छात्रों ने सीबीआई जांच की मांग पर फिलहाल 60 दिन इंतजार करने का फैसला लिया है. इसके साथ ही जेएसएससी सीजीएल और 11वीं से 13वीं तक की अधियाचनाएं वापस लेने और उम्र सीमा में छूट देने की मांग भी रखी गई है.
छात्रों ने चेतावनी दी है कि अगर 60 दिनों के अंदर सरकार ने इन मांगों पर सकारात्मक कदम नहीं उठाया, तो वे लाखों छात्रों के साथ फिर से महाआंदोलन शुरू करेंगे.
पीजीटी परीक्षार्थियों का आंदोलन जारी
पीजीटी परीक्षार्थियों का आंदोलन अब भी जारी है. पीजीटी परीक्षार्थियों ने जेपीएससी व जेएससीए परीक्षा की तर्ज पर पीजीटी परीक्षा को भी रद्द करने की मांग की है. परीक्षार्थियों ने आरोप लगाया है कि पीजीटी परीक्षा में बड़े स्तर पर धांधली हुई है. एक ही सेंटर से करीब 500 अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया है.

पीजीटी परीक्षार्थियों का आंदोलन जारी
परीक्षार्थियों ने परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है. उनका कहना है कि जब तक परीक्षा में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.
पीजीटी अभ्यर्थियों ने सरकार और संबंधित परीक्षा एजेंसी से मामले में स्पष्ट कार्रवाई करने तथा परीक्षा को रद्द कर दोबारा निष्पक्ष तरीके से आयोजित कराने की अपील की है.
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