Ranchi News: JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित धांधली के खिलाफ जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आंदोलन कर रहे छात्रों ने अब सरकार के सामने अपनी मांग को लेकर एक और स्पष्ट शर्त रख दी है. छात्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रेस के सामने जो बातें कही हैं, उन्हें यदि लिखित रूप में दिया जाता है, तो अभ्यर्थी न्याय मंच अपना टेंट हटाने पर विचार करेगा.
छात्रों ने कहा कि वे केवल मौखिक आश्वासन के आधार पर आंदोलन समाप्त नहीं करेंगे. उनका कहना है कि मुख्यमंत्री द्वारा प्रेस के सामने कही गई बातों को लिखित रूप में देने के बाद ही वे सरकार के आश्वासन को स्वीकार करेंगे.
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बातचीत के दौरान छात्रों ने उदाहरण देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से भी पूर्व में 15 लाख रुपये देने का वादा किए जाने की बात कही गई थी, लेकिन वह पूरा नहीं हुआ. इसी वजह से छात्र अब केवल मौखिक बयानों पर भरोसा नहीं करना चाहते.

जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आंदोलन कर रहे छात्र
साथ ही अभ्यर्थी न्याय मंच पर बैठे अभ्यर्थियों ने कहा कि विधायक जयराम महतो का साफ तौर पर कहना है कि जब भी टेंट हटेगा, दोनों टेंट एक साथ हटेगा. दोनों मंच की यह लड़ाई एक ही मुद्दे को लेकर है और अगर प्रशासन के द्वारा मंच को अलग-अलग हटाया जाता है तो समाज में गलत संदेश जायेगा.
छात्रों का कहना है कि सरकार अगर अपनी घोषणाओं और आश्वासनों को लिखित रूप में देती है, तो वे उसपर भरोसा करते हुए आगे की कार्रवाई करेंगे. फिलहाल छात्र CBI जांच की मांग और लिखित आश्वासन को लेकर जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में डटे हुए हैं.
पुलिस-प्रशासन की ओर से छात्रों को समझाकर स्टेडियम खाली कराने का प्रयास जारी है, जबकि छात्र अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं. उनका स्पष्ट कहना है कि लिखित आश्वासन मिलने के बाद ही टेंट हटाने पर फैसला लिया जाएगा.
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