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JSSC CGL: सपनों का गुलाब खिला ही था, रद्दीकरण के कांटों ने उम्मीदों को लहूलुहान किया

Ranchi News :   सालों की मेहनत के बाद जब JSSC-CGL पास करने वाले अभ्यर्थियों के हाथ नौकरी का गुलाब आया, तो उनके चेहरों पर खुशी थी. लेकिन अब उसी गुलाब के साथ रद्दीकरण के कांटे भी आ गए हैं. राज्य सरकार के JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने के फैसले के बाद सफल अभ्यर्थियों के सामने फिर से अपने भविष्य को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं.
 
JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने के फैसले का विरोध करते सफल अभ्यर्थी
  • JSSC CGL: उम्मीदों ने भरी थी उड़ान, रद्दीकरण के फैसले ने फिर काट दिए पंख
  • JSSC CGL: नौकरी की उम्मीद जगी ही थी, रद्दीकरण ने फिर अंधेरे में धकेला भविष्य

Ranchi News :   सालों की मेहनत के बाद जब JSSC-CGL पास करने वाले अभ्यर्थियों के हाथ नौकरी का गुलाब आया, तो उनके चेहरों पर खुशी थी. लेकिन अब उसी गुलाब के साथ रद्दीकरण के कांटे भी आ गए हैं. राज्य सरकार के JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने के फैसले के बाद सफल अभ्यर्थियों के सामने फिर से अपने भविष्य को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं.

 

परीक्षा रद्दे होने के बाद सोमवार को कई अभ्यर्थी प्रोजेक्ट भवन पहुंचे और सरकार के फैसले का विरोध किया, जो आज भी जारी है. मूसलाधार बारिश में छात्र अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं. अभ्यर्थियों का कहना है कि अगर परीक्षा में किसी तरह की गड़बड़ी हुई है तो उसकी जांच होनी चाहिए और दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए. कुछ लोगों की गलती की सजा उन अभ्यर्थियों को नहीं मिलनी चाहिए, जिन्होंने मेहनत से परीक्षा पास की है.

 

CBI जांच करा लीजिए, लेकिन भविष्य मत छीनिए

प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थी रौशन कुमार ने सरकार से अपनी बात रखते हुए कहा कि उन्हें किसी जांच से कोई परेशानी नहीं है. उन्होंने कहा कि आप जांच कीजिए, जिसमें गड़बड़ियां पाई जाती हैं, तो दोषियों पर कार्रवाई कीजिए, लेकिन कुछ लोगों के लिए हम लोग के साथ अन्याय मत कीजिए सर.

 

रौशन  कुमार ने कहा कि वे जांच के लिए तैयार हैं और अपने सभी जरूरी दस्तावेज लेकर आए हैं. रौशन की बातों में गुस्से से ज्यादा अपने भविष्य को लेकर चिंता दिखाई दी. उनका कहना है कि अगर किसी अभ्यर्थी ने गलत तरीके से परीक्षा पास की है तो उसकी जांच होनी चाहिए. लेकिन सभी सफल उम्मीदवारों को एक ही नजर से देखना सही नहीं है.

 

CBI जांच भी मंजूर, बस भविष्य सुरक्षित रहे

अभ्यर्थियों ने जांच का विरोध नहीं किया है. उनकी मांग है कि जांच निष्पक्ष तरीके से हो और दोषियों की पहचान की जाए. रौशन कुमार ने भी कहा कि सरकार चाहे तो CBI से जांच करा सकती है. जो जांच करना है वो जांच करा लीजिए, लेकिन हम लोग के साथ अन्याय मत कीजिए सर.

 

अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने परीक्षा की तैयारी में कई साल लगाए हैं. परीक्षा पास करने के बाद उन्हें लगा था कि अब नौकरी का सपना पूरा होने वाला है. लेकिन परीक्षा रद्द होने के फैसले ने उन्हें फिर उसी अनिश्चितता के बीच खड़ा कर दिया है.


एक तरफ आंदोलन की जीत, दूसरी तरफ सफल अभ्यर्थियों की चिंता

JSSC-CGL परीक्षाओं में कथित अनियमितता को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन लंबे समय से जारी है. आंदोलन कर रहे छात्रों की प्रमुख मांगों में भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी की सीबीआई जांच और JSSC CGL परीक्षा को रद्द करना शामिल था. छात्रों की एक मांग पूरी हो गई है. लेकिन सीबीआई जांच की मांग पूरी होने पर अभ्यर्थियों ने आंदोलन जारी रखने का फैसला किया है. 

 

सरकार के फैसले से आंदोलन कर रहे छात्रों के एक हिस्से में राहत है. लेकिन परीक्षा पास कर चुके अभ्यर्थियों के लिए यही फैसला चिंता की वजह बन गया है. एक तरफ छात्र परीक्षा रद्द होने को अपनी मांग की जीत मान रहे हैं, तो दूसरी तरफ सफल अभ्यर्थी इसे अपने भविष्य पर संकट के तौर पर देख रहे हैं.

 

गुलाब और कांटों के बीच फंसा भविष्य

JSSC-CGL की कहानी अब कुछ ऐसी हो गई है, जैसे मेहनत से खिला गुलाब अचानक कांटों से घिर गया हो. गुलाब उन अभ्यर्थियों की मेहनत और सफलता का प्रतीक है, जिन्होंने परीक्षा पास कर नौकरी की उम्मीद जगाई थी. वहीं कांटे उस फैसले के हैं, जिसने उनकी उस उम्मीद को फिर सवालों के घेरे में ला दिया है.

 

अभ्यर्थियों की मांग साफ है. जांच हो, दोषियों पर कार्रवाई हो, लेकिन ईमानदारी से परीक्षा पास करने वालों को इसकी कीमत न चुकानी पड़े. अब सरकार के सामने चुनौती सिर्फ परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ी की जांच करना नहीं है. बल्कि यह भी है कि जांच की प्रक्रिया में उन अभ्यर्थियों का भविष्य कैसे सुरक्षित रखा जाए, जिन्होंने पूरी मेहनत से परीक्षा पास की है.

 

मेहनत से परीक्षा पास करने वाले युवाओं के लिए JSSC-CGL सिर्फ एक परीक्षा नहीं थी, यह उनकी सालों की मेहनत, परिवार की उम्मीद और बेहतर भविष्य का सपना था. नौकरी का गुलाब खिल चुका था, अब वे चाहते हैं कि जांच के नाम पर उसके कांटे उनके सपनों को घायल न करें.

 

823 सेंटर पर हुई थी JSSC-CGL 2023 की परीक्षा

JSSC-CGL 2023 की परीक्षा पहले भी विवादों में रही है. सितंबर 2024 में राज्य के 823 केंद्रों पर परीक्षा आयोजित की गई थी. उस समय सरकार की ओर से इसे निष्पक्ष और कदाचार मुक्त परीक्षा बताया गया था. अब इसी परीक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हुए हैं.

 

CID ने JSSC कार्यालय में छापेमारी कर चयनित अभ्यर्थियों से जुड़े दस्तावेजों की जांच भी की है. यानी जिस परीक्षा के बाद कई युवाओं के हाथ में नौकरी की उम्मीद आई थी, वही परीक्षा अब उनके लिए सबसे बड़ा सवाल बन गई है.

 

 

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