- सरकार पर जताया भरोसा, दो महीने का दिया समय
Ranchi News: जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच ने छात्रों के हित में 25 दिनों तक आदोलन किया. सरकार के आश्वासन के बाद आंदोलन को मंच ने बुधवार को स्थगित कर दिया. इस मौके पर मंच ने प्रेस कॉन्फ्रेंस किया. इसके बाद शाम में हजारों छात्रों ने सरकार का आभार जताया.
रांची की खबरों के लिए यहां क्लिक करें
इस दौरान छात्रों ने कहा कि परीक्षाओं में अनियमितता को लेकर आंदोलनरत है, जिसे सरकार के आश्वासन के बाद दो महीने के लिए स्थगित किए जा रहे हैं. उनकी मांगों पर निर्णय लेकर कोर्ट में भी मजबूती से पक्ष रखना चाहिए.
कैबिनेट में मुख्यमंत्री समेत अन्य मंत्रियों ने भी परीक्षाओं में अनियमितता की बात स्वीकार की है.छात्रों ने कहा कि जांच पहले ही हो जानी चाहिए थी. समय पर जांच होती, तो शायद छात्रों को न्याय मिल जाता और आंदोलन की जरूरत नहीं पड़ती.
छात्रों ने कहा कि वे एक बार फिर सरकारी सिस्टम पर भरोसा जताये है. औऱ आंदोलन स्थगित कर रहे हैं. सरकार को दो महीने का समय दिया गया है.
उन्होंने कहा कि सरकार कोर्ट जा रही है तो वहां भी छात्रों के पक्ष और परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को मजबूती से रखना चाहिए. यदि ऐसा नहीं हुआ तो इसे छात्रों के साथ धोखा माना जाएगा. जांच की प्रक्रिया न्यायिक और पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए, ताकि झारखंड के हित में उचित निर्णय हो सके.
छात्र आदोलन से जुडे कुणाल ने कहा कि जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच को रजिस्टर्ड कराया जाएगा. यह मंच झारखंड के छात्रों की आवाज बनेगा. उन्होंने कहा कि भविष्य में राज्य में छात्रों से जुड़ा कोई भी महत्वपूर्ण मुद्दा सामने आने पर मंच उसकी आवाज मजबूती से उठाएगा.
उन्होंने कहा कि छात्रों ने अपनी ओर से दो कदम आगे बढ़ाए हैं, अब सरकार को चार कदम आगे बढ़कर छात्रों के हित में निर्णय लेना चाहिए.
आंदोलनकारी छात्रों ने सरकार से मांग की कि आंदोलन के दौरान छात्रों पर दर्ज किए गए सभी केस वापस लिए जाएं. छात्रों ने अपने अधिकार और न्याय के लिए आंदोलन किया है, इसलिए उनके खिलाफ दर्ज मामलों को समाप्त किया जाना चाहिए.
पीजीटी परीक्षा में भी कथित गड़बड़ी सामने आया है. इसमें लगातार तीन साल तक पीजीटी का रिजल्ट जारी किया गया और इसमें अनियमितता के आरोप सामने आते रहे हैं.
छात्रों ने पीजीटी परीक्षा को भी रद्द कर पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है. कथित अनियमितताओं से जुड़े तथ्य सार्वजनिक डोमेन में भी उपलब्ध हैं.
नगर पालिका परीक्षा में करीब 90 प्रतिशत कटऑफ आने को लेकर भी छात्रों ने सवाल उठाए. इस परीक्षा में भी अनियमितता से जुड़े साक्ष्य सामने आए हैं.
छात्रों ने पूरे मामले की जांच कराने की मांग की. उन्होंने मांग की कि जिन अभ्यर्थियों की उम्र इस प्रक्रिया के दौरान निकल गई है, उन्हें भी परीक्षा में शामिल होने का अवसर दिया जाए.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.