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JPSTAACCE-2023 इंटरमीडिएट प्रशिक्षित सहायक आचार्य (कक्षा 1-5) का अतिरिक्त व संशोधित परिणाम जारी

झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) ने JPSTAACCE-2023 के तहत इंटरमीडिएट प्रशिक्षित सहायक आचार्य (कक्षा 1 से 5) का अतिरिक्त परिणाम एवं पूर्व प्रकाशित परिणाम में संशोधन जारी कर दिया है.
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Ranchi : झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) ने JPSTAACCE-2023 के तहत इंटरमीडिएट प्रशिक्षित सहायक आचार्य (कक्षा 1 से 5) का अतिरिक्त परिणाम एवं पूर्व प्रकाशित परिणाम में संशोधन जारी कर दिया है. यह कार्रवाई शिक्षा विभाग के निर्देश तथा सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश के अनुपालन में की गई है.

 

आरक्षित वर्ग के उन अभ्यर्थियों को, जिन्होंने न्यूनतम अंकों में छूट या अन्य रियायत का लाभ लेकर अर्हता प्राप्त की थी, उन्हें अनारक्षित कोटि में समायोजित नहीं किया जाएगा. ऐसे अभ्यर्थियों को उनके मूल आरक्षित वर्ग में ही समायोजित किया गया है. सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि जिन अभ्यर्थियों ने योग्यता प्राप्त करने में किसी प्रकार की छूट का लाभ लिया है, उन्हें अनारक्षित श्रेणी की रिक्तियों के विरुद्ध समायोजित नहीं किया जा सकता.

 

आयोग ने अतिरिक्त रूप से 299 अभ्यर्थियों का परिणाम प्रकाशित किया है, जिनमें विभिन्न जिलों- जैसे बोकारो, चतरा, देवघर, धनबाद, पूर्वी सिंहभूम, गिरिडीह, गोड्डा, गुमला, हजारीबाग, जामताड़ा, खूंटी, कोडरमा, लातेहार, लोहरदगा, पाकुड़, पलामू, रामगढ़, रांची, साहिबगंज, सरायकेला-खरसावां, सिमडेगा एवं पश्चिमी सिंहभूम -के अभ्यर्थी शामिल हैं.

 

इसके अतिरिक्त, पूर्व में प्रकाशित परिणाम में मेधा-सह-विकल्प के आधार पर कई अभ्यर्थियों के जिला एवं श्रेणी में संशोधन किया गया है. संशोधित सूची में अभ्यर्थियों के शिक्षक प्रकार (पारा/नन-पारा), कोटि तथा आवंटित जिला में आवश्यक परिवर्तन दर्शाए गए हैं.

 

आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि कुछ अभ्यर्थियों का परिणाम आवश्यक प्रमाण पत्रों की अनुपलब्धता या अस्पष्टता के कारण लंबित रखा गया है. संबंधित अभ्यर्थियों द्वारा दस्तावेज प्रस्तुत किए जाने के बाद आयोग के निर्णयानुसार परिणाम में संशोधन संभव होगा.

 

साथ ही, किसी भी प्रकार की त्रुटि या टंकण त्रुटि के सुधार का अधिकार आयोग के पास सुरक्षित रहेगा.उल्लेखनीय है कि इस मामले से संबंधित कुछ याचिकाएं झारखंड उच्च न्यायालय में लंबित हैं, जिनके अंतिम आदेश के अनुसार परिणाम में आगे भी संशोधन संभव है.

 

 

 

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