Ranchi : झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) से पहले जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच ने एडमिट कार्ड और मॉडल प्रश्नपत्र की गड़बड़ियों को लेकर झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं. मंच ने काउंसिल से अभ्यर्थियों की समस्याओं के जल्द समाधान की मांग की है.
मंच ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि एक नवंबर को होने वाली JTET परीक्षा के लिए जारी कई अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड में फोटो और हस्ताक्षर नहीं हैं. इससे अभ्यर्थियों की परेशानी बढ़ गई है. मंच ने मॉडल प्रश्नपत्र को लेकर भी सवाल उठाए हैं. पोस्ट में दावा किया गया है कि मॉडल प्रश्नपत्र में कथन के अनुसार उत्तर उपलब्ध नहीं हैं.
🚨📢 JAC - JTET. परीक्षा 1 nov को है कई छात्रों के एडमिट कार्ड में न फोटो है न ही सिग्नेचर मॉडल प्रश्नपत्र में कथन के अनुसार जवाब नहीं है। छात्र JAC ऑफिस के चक्कर काट रहे है न जाने कब ये निकम्मापन खत्म होगा। आपसे नहीं हो रहा तो हमें बुलाइए, हम लोगों से सलाह लीजिए , भरोसा रखिए, एक गलती नहीं होगी। अच्छी एजेंसी का चयन कीजिए , टेंडर मैनेज के चक्कर में बच्चों के साथ मत खेलिए। @HemantSorenJMM की छवि सबसे ज्यादा JAC , JSSC ,JPSC ने ही धूमिल की है। इसमें सुधार लाइये महोदय। @jacranchi
— JPSC JSSC REFORM MANCH (@JPSCreformanch) October 27, 2026
मंच ने कहा कि अभ्यर्थियों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए JAC कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं. इससे परीक्षा की तैयारी प्रभावित हो रही है. पोस्ट के माध्यम से मंच ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और JAC को टैग कर हस्तक्षेप करने की अपील की है.
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मंच ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार करने और अभ्यर्थियों की समस्याओं का समय रहते समाधान सुनिश्चित करने को कहा है. मंच ने यह भी कहा कि परीक्षा आयोजित करने के लिए बेहतर एजेंसी का चयन किया जाना चाहिए, ताकि टेंडर प्रबंधन की कमियों का खामियाजा विद्यार्थियों को न भुगतना पड़े.

