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JWPL 2026 : पलामू वॉरियर्स ने 43 रनों से जीता खिताब, आकांक्षा टोप्पो की घातक गेंदबाजी के आगे पस्त हुई कोल्हान डायनामोज की टीम

Ranchi: झारखंड विमेंस प्रीमियर लीग (JWPL) 2026 के हाई-वोल्टेज फाइनल मुकाबले में पलामू वॉरियर्स ने बड़ा उलटफेर करते हुए चमचमाती ट्रॉफी पर कब्जा जमा लिया है. पूरे लीग स्टेज में अजेय रही और अंक तालिका में शीर्ष पर काबिज कोल्हान डायनामोज का विजयी रथ खिताबी मुकाबले में आकर रुक गया. पलामू वॉरियर्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 19.4 ओवरों में 143 रनों का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया, जिसके जवाब में कोल्हान डायनामोज की पूरी टीम 14.4 ओवरों में महज 100 रनों पर सिमट गई. इस ऐतिहासिक जीत के साथ ही पलामू वॉरियर्स ने विजेता ट्रॉफी और तीन लाख रुपये की पुरस्कार राशि अपने नाम की, जबकि कोल्हान डायनामोज को उपविजेता ट्रॉफी और दो लाख रुपये से संतोष करना पड़ा.

 

 सोनिया के तूफानी अर्धशतक से पलामू ने बनाया मजबूत स्कोर 

 

टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी पलामू वॉरियर्स की शुरुआत बेहद खराब रही और टीम ने महज 8 रन के कुल योग पर अपने दोनों सलामी बल्लेबाजों के विकेट गंवा दिए थे. इसके बाद मध्यक्रम में सोनिया और अनामिका कुमारी ने पारी को संभाला, जहां सोनिया ने 35 गेंदों पर 7 चौकों और 2 छक्कों की मदद से 55 रनों की आतिशी अर्धशतकीय पारी खेली, जबकि अनामिका कुमारी ने 23 गेंदों में 23 रनों का योगदान दिया. अंतिम ओवरों में चांदमुनी पुर्ती ने मात्र 17 गेंदों पर 5 चौकों और 3 छक्कों की बदौलत 26 रनों की तेज तर्रार पारी खेल टीम का स्कोर 143 रनों तक पहुंचाया. कोल्हान डायनामोज की ओर से प्राची प्रधान सबसे सफल गेंदबाज रहीं, जिन्होंने अपने 3.4 ओवरों में 33 रन देकर 4 महत्वपूर्ण विकेट झटके, जबकि शेफा हसन को 2 विकेट मिले और आनंदिता किशोर, दुर्गा मुर्मू व ममता पासवान के खाते में 1-1 विकेट आया.

 

 फाइनल के बड़े दबाव में बिखरा कोल्हान का मजबूत टॉप ऑर्डर 

 

144 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी कोल्हान डायनामोज की शुरुआत भी अच्छी नहीं रही और सलामी बल्लेबाज आरुषि गोदियाल 10 रन बनाकर पवेलियन लौट गईं, जबकि लीग स्टेज की स्टार बल्लेबाज दुर्गा मुर्मू फाइनल के बड़े दबाव में 25 गेंदों में केवल 11 रन ही बना सकीं. मध्यक्रम में कप्तान आनंदिता किशोर ने 17 गेंदों पर 2 चौकों और 2 छक्कों की मदद से 27 रन तथा मोनिका मुर्मू ने 16 गेंदों पर 21 रन बनाकर संघर्ष करने का प्रयास किया, लेकिन पलामू वॉरियर्स की आकांक्षा टोप्पो की घातक गेंदबाजी के आगे कोल्हान का मिडिल और लोअर ऑर्डर पूरी तरह पस्त हो गया. आकांक्षा टोप्पो ने फाइनल जैसे बड़े मैच में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए अपने 4 ओवर के कोटे में 26 रन खर्च करके 5 महत्वपूर्ण विकेट चटकाए. गेंदबाजी में उनका बखूबी साथ शिखा ने निभाया, जिन्होंने 3.4 ओवर में 20 रन देकर 2 महत्वपूर्ण विकेट लिए. पलामू की इस कसी हुई गेंदबाजी के चलते कोल्हान डायनामोज की पूरी टीम 100 रनों पर ऑलआउट हो गई और पलामू वॉरियर्स ने 43 रनों से फाइनल मुकाबला जीतकर इतिहास रच दिया. 

 

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