Kiriburu (Shailesh Singh) : लिटिल एंजल पब्लिक स्कूल, मेघाहातुबुरु का वार्षिक उत्सव सह पुरस्कार वितरण समारोह आफिसर्स क्लब में आयोजित की गई. इस कार्यक्रम का शुभारम्भ बतौर मुख्य अतिथि महिला समिति की अध्यक्ष स्टेला सेलबम, विशिष्ट अतिथि सुषमा योगेश राम, सुनीता थापा आदि ने दीप प्रज्वलित कर किया. स्टेला सेलबम ने कहा कि बच्चों की भावनाओं का कोई मोल नही होता, सच में बच्चों में ईश्वर का निवास होता है. इसे भी पढ़ें : डुमरिया:">https://lagatar.in/dumariya-angry-customers-locked-the-bank-employees-freed-late-in-the-evening/">डुमरिया:
आक्रोशित ग्राहकों ने बैंक में की तालाबंदी, देर शाम मुक्त हुए कर्मी
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alt="" width="600" height="400" /> उन्होंने कहा कि हर बच्चे की ग्राह्यक्षमता अलग-अलग होती है. कोई बच्चा किसी बात को जल्दी से समझ लेता है और किसी को समझाने में घंटों लग जाते हैं. ऐसे में बच्चे को बार-बार डाँटना व ताने देना उसमें हीन भावना भर देता है. जिससे वह अपने आपको निकृष्ट समझने लगता है और गलत कदम उठा लेता है. बार-बार अपने बच्चे को नाकारा कहकर दूसरे बच्चे को उससे श्रेष्ठ बताना बच्चे के मन में आपके प्रति अविश्वास व हीन भावना पैदा कर सकता है. इससे बच्चा आपसे खुलकर बात करने में झिझक महसूस करेगा. कई बार माता-पिता अपने ही बच्चों में तुलना करने लगते हैं. हर बच्चा हर काम में परिपूर्ण हो, यह संभव नहीं है. हर बच्चे में कुछ न कुछ खामी हो सकती है. वह खामी तभी दूर होगी. इसे भी पढ़ें : भाजपा">https://lagatar.in/big-blow-to-bjp-jp-patel-joins-congress/">भाजपा
पर कांग्रेस की बड़ी सेंधमारी, जेपी पटेल पार्टी में हुए शामिल जब हम बच्चे की तुलना न करके उसकी हौसला अफजाई करेंगे. बच्चे को बात-बात पर उलाहना देने की बजाय उसे प्रोत्साहित करें. उसे विश्वास दिलाए कि वह किसी से कम नहीं है. उन्होंने बच्चों को अनुशासित, अच्छा इंसान, बेहतर नागरिक बनने तथा भविष्य के सारे अच्छे सपनों को साकार होने की आशीष दी. इसे भी पढ़ें : जेएनयू">https://lagatar.in/nu-students-union-elections-voting-on-march-22-abvp-and-left-organizations-took-out-torch-procession/">जेएनयू
छात्र संघ चुनाव : 22 मार्च को वोटिंग, एबीवीपी और वाम संगठनों ने मशाल जुलूस निकाला कार्यक्रम में बच्चों ने अपनी मां के साथ डांस कर सबको रोमांचित किया. माँ-बेटा-बेटी के बीच पवित्र, अमिट व अनमोल प्रेम की झलक देखने को मिला. इस दौरान स्टेला सेलबम व अन्य अतिथियों ने शिक्षा, खेल, कला आदि क्षेत्रों में बेहतर करने वाले बच्चों को पुरस्कृत किया. इस दौरान नाजमी खानम, रीमा कुमारी, साहिना, आस्था, बीरबल गुडि़या आदि सैकड़ों मौजूद थे. [wpse_comments_template]
आक्रोशित ग्राहकों ने बैंक में की तालाबंदी, देर शाम मुक्त हुए कर्मी
alt="" width="600" height="400" /> उन्होंने कहा कि हर बच्चे की ग्राह्यक्षमता अलग-अलग होती है. कोई बच्चा किसी बात को जल्दी से समझ लेता है और किसी को समझाने में घंटों लग जाते हैं. ऐसे में बच्चे को बार-बार डाँटना व ताने देना उसमें हीन भावना भर देता है. जिससे वह अपने आपको निकृष्ट समझने लगता है और गलत कदम उठा लेता है. बार-बार अपने बच्चे को नाकारा कहकर दूसरे बच्चे को उससे श्रेष्ठ बताना बच्चे के मन में आपके प्रति अविश्वास व हीन भावना पैदा कर सकता है. इससे बच्चा आपसे खुलकर बात करने में झिझक महसूस करेगा. कई बार माता-पिता अपने ही बच्चों में तुलना करने लगते हैं. हर बच्चा हर काम में परिपूर्ण हो, यह संभव नहीं है. हर बच्चे में कुछ न कुछ खामी हो सकती है. वह खामी तभी दूर होगी. इसे भी पढ़ें : भाजपा">https://lagatar.in/big-blow-to-bjp-jp-patel-joins-congress/">भाजपा
पर कांग्रेस की बड़ी सेंधमारी, जेपी पटेल पार्टी में हुए शामिल जब हम बच्चे की तुलना न करके उसकी हौसला अफजाई करेंगे. बच्चे को बात-बात पर उलाहना देने की बजाय उसे प्रोत्साहित करें. उसे विश्वास दिलाए कि वह किसी से कम नहीं है. उन्होंने बच्चों को अनुशासित, अच्छा इंसान, बेहतर नागरिक बनने तथा भविष्य के सारे अच्छे सपनों को साकार होने की आशीष दी. इसे भी पढ़ें : जेएनयू">https://lagatar.in/nu-students-union-elections-voting-on-march-22-abvp-and-left-organizations-took-out-torch-procession/">जेएनयू
छात्र संघ चुनाव : 22 मार्च को वोटिंग, एबीवीपी और वाम संगठनों ने मशाल जुलूस निकाला कार्यक्रम में बच्चों ने अपनी मां के साथ डांस कर सबको रोमांचित किया. माँ-बेटा-बेटी के बीच पवित्र, अमिट व अनमोल प्रेम की झलक देखने को मिला. इस दौरान स्टेला सेलबम व अन्य अतिथियों ने शिक्षा, खेल, कला आदि क्षेत्रों में बेहतर करने वाले बच्चों को पुरस्कृत किया. इस दौरान नाजमी खानम, रीमा कुमारी, साहिना, आस्था, बीरबल गुडि़या आदि सैकड़ों मौजूद थे. [wpse_comments_template]
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