इसे भी पढ़ें : रांची">https://lagatar.in/human-smuggler-arrested-from-ranchi-railway-station-preparations-were-made-to-sell-two-minors-in-delhi/">रांची
रेलवे स्टेशन से मानव तस्कर गिरफ्तार, दो नाबालिगों को दिल्ली में बेचने की थी तैयारी
alt="" width="432" height="360" /> भाकपा माओवादी संगठन द्वारा जारी की गई प्रेस विज्ञप्ति[/caption] 10 वर्ष जेल के बाद पुन: जुड़े संगठन से
: कोल्हान विवि ने वर्कर्स कॉलेज में लाइब्रेरियन व डेमोंस्ट्रेटर की बहाली के लिए बनाई कमेटी
वर्ष 2001-2002 से जुड़े थे संगठन से
अस्पताल से उनका पार्थिव शरीर संघर्ष इलाके में लाया गया और पूरे पार्टी के कार्यकर्ताओं, पीएलजीए के कमांडरों व सैनिकों और स्थानीय संगठनों व जनमिलिशिया साथियों की उपस्थिति में पूरे क्रांतिकारी माहौल में शोक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई और उनका अंतिम संस्कार किया गया. श्याम सिंकु का असल नाम तमड़ांग पिंगुवा है. श्याम सिंकु ( प्रवीण दा ) नाम पार्टी में दिया गया नाम है. उनका पुराना पैतृक गांव धनबाद में है. उनके पिता बाद में पश्चिमी सिंहभूम जिला के कुमारडुंगी थानान्तर्गत पोखरिया गांव में आकर बस गये थे. उनका जन्म वर्ष 1971 में हो आदिवासी गरीब किसान परिवार में हुआ था. अपने तीन भाई - बहनों में वे सबसे छोटे थे. श्याम सिंकु ( प्रवीण दा ) के बचपन में ही उनके पिताजी का निधन हो गया था.
इसे भी पढ़ें : चांडिल">https://lagatar.in/chandil-ajay-is-making-people-aware-of-the-corona-epidemic-by-doing-padyatra/">चांडिल
: पदयात्रा कर कोरोना महामारी के प्रति लोगों को जागरूक कर रहे हैं अजय
: पदयात्रा कर कोरोना महामारी के प्रति लोगों को जागरूक कर रहे हैं अजय
छात्र संगठन से भी जुड़ कर किया था काम
पिताजी की मृत्यु के बाद बच्चों के पालन - पोषण उनकी माँ ने किया. श्याम सिंकु ने काफी परेशानी के साथ स्नातकोत्तर तक की शिक्षा प्राप्त की. कॉलेज में पढ़ते समय ही वे 1995-96 में छात्र संगठन व छात्र आन्दोलन से जुड़ गये थे. भूमिगत पार्टी संगठन के काम की जिम्मेवारी संभालने से पहले उन्होंने चाईबासा रेडियो प्रसारण केन्द्र में भी काम किया था. वे भूमिगत पार्टी के सांगठनिक कामकाज में 2001-2002 से जुड़े थे. उन्होंने भूमिगत पार्टी के कामकाज की शुरूआत पूर्वी सिंहभूम जिला के गुड़ाबांधा इलाका से की थी.
[wpse_comments_template]

Leave a Comment