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किरीबुरू : 5 लाख के इनामी नक्सली श्याम सिंकु की मौत को भाकपा माओवादी प्रवक्ता ने बताया बड़ी क्षति

Kiriburu (Shailesh Singh) : भाकपा माओवादी नक्सली संगठन के कुख्यात नक्सली नेता कामरेड तमड़ांग पिंगुवा उर्फ श्याम सिंकु उर्फ प्रवीण दा (51) की मौत बीमारी की वजह से बीते 9 जुलाई को हो गई. इसकी पुष्टि भाकपा माओवादी संगठन के दक्षिणी जोनल कमिटी के प्रवक्ता अशोक ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर की है. अशोक ने जारी विज्ञप्ति में कहा है कि संगठन अमर शहीद कामरेड तमांग पिंगुवा उर्फ श्याम सिंकु के प्रति गहरी संवेदना प्रकट करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित करती है. इसके साथ- साथ उनके अरमानों को मंजिल तक पहुंचाने की शपथ लेती है. प्रवीण दा की शहादत दक्षिणी जोनल कमेटी के लिए तो बहुत बड़ी क्षति है.

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[caption id="attachment_362780" align="aligncenter" width="432"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/07/kiriburu-naxsal.jpeg"

alt="" width="432" height="360" /> भाकपा माओवादी संगठन द्वारा जारी की गई प्रेस विज्ञप्ति[/caption] 10 वर्ष जेल के बाद पुन: जुड़े संगठन से
श्याम सिंकु वर्ष 2006 से 2016 तक 10 वर्ष जेल की सजा काटने के बाद 2016 में जेल से निकलते ही पुनः पार्टी में शामिल हो गए थे. जेल से निकलने के बाद उनके स्वास्थ्य में गिरावट आने के कारण बार-बार मलेरिया बुखार पकड़ने और एनकोलाइजिंग स्पोंडलाइसिस की भी बीमारी से उनके स्वास्थ्य में और ज्यादा गिरावट आई. वर्ष 2021 में काफी बीमार होने पर उनका इलाज शहर के एक निजी अस्पताल में कराया गया जिससे वह ठीक हो गये थे.परंतु पिछले कुछ दिनों से उनके स्वास्थ्य में काफी गिरावट आई और वह बीमार रहने लगे. इस वर्ष 30 जून 2022 को तबीयत बिगड़ने के बाद उनका इलाज जारी था. लेकिन दिनांक 9 जुलाई की सुबह अचानक उनका देहांत हो गया. वैसे नक्सली श्याम सिंकू उर्फ प्रवीण दा पर 5 लाख रूपये का इनाम था. इसकी पत्नी बेला सरकार कुख्यात नक्सली है. दोनों बंगाल के कुख्यात नक्सली नेता असीम मंडल और सचिन के दस्ते में रहते हैं. इसे भी पढ़ें : चाईबासा">https://lagatar.in/chaibasa-kolhan-university-formed-a-committee-for-the-restoration-of-librarian-and-demonstrator-in-workers-college/">चाईबासा

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वर्ष 2001-2002 से जुड़े थे संगठन से

अस्पताल से उनका पार्थिव शरीर संघर्ष इलाके में लाया गया और पूरे पार्टी के कार्यकर्ताओं, पीएलजीए के कमांडरों व सैनिकों और स्थानीय संगठनों व जनमिलिशिया साथियों की उपस्थिति में पूरे क्रांतिकारी माहौल में शोक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई और उनका अंतिम संस्कार किया गया. श्याम सिंकु का असल नाम तमड़ांग पिंगुवा है. श्याम सिंकु ( प्रवीण दा ) नाम पार्टी में दिया गया नाम है. उनका पुराना पैतृक गांव धनबाद में है. उनके पिता बाद में पश्चिमी सिंहभूम जिला के कुमारडुंगी थानान्तर्गत पोखरिया गांव में आकर बस गये थे. उनका जन्म वर्ष 1971 में हो आदिवासी गरीब किसान परिवार में हुआ था. अपने तीन भाई - बहनों में वे सबसे छोटे थे. श्याम सिंकु ( प्रवीण दा ) के बचपन में ही उनके पिताजी का निधन हो गया था.
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छात्र संगठन से भी जुड़ कर किया था काम

पिताजी की मृत्यु के बाद बच्चों के पालन - पोषण उनकी माँ ने किया. श्याम सिंकु ने काफी परेशानी के साथ स्नातकोत्तर तक की शिक्षा प्राप्त की. कॉलेज में पढ़ते समय ही वे 1995-96 में छात्र संगठन व छात्र आन्दोलन से जुड़ गये थे. भूमिगत पार्टी संगठन के काम की जिम्मेवारी संभालने से पहले उन्होंने चाईबासा रेडियो प्रसारण केन्द्र में भी काम किया था. वे भूमिगत पार्टी के सांगठनिक कामकाज में 2001-2002 से जुड़े थे. उन्होंने भूमिगत पार्टी के कामकाज की शुरूआत पूर्वी सिंहभूम जिला के गुड़ाबांधा इलाका से की थी.
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