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DSPMU में बुनियादी सुविधाओं का अभाव

डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (DSPMU) में इन दिनों साफ-सफाई और बिल्डिंग मेंटेनेंस की बदहाली को लेकर छात्र-छात्राएं काफी परेशान हैं. परिसर में उगी झाड़ियां, टूटे हुए क्लासरूम के शीशे, बंद पंखे, मकड़ी के जाले, धूल से सनी दीवारें और बदबूदार शौचालय जैसी समस्याएं आम हो गई हैं.
 

Ranchi : डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (DSPMU) में इन दिनों साफ-सफाई और बिल्डिंग मेंटेनेंस की बदहाली को लेकर छात्र-छात्राएं काफी परेशान हैं. 

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परिसर में उगी झाड़ियां, टूटे हुए क्लासरूम के शीशे, बंद पंखे, मकड़ी के जाले, धूल से सनी दीवारें और बदबूदार शौचालय जैसी समस्याएं आम हो गई हैं. छात्रों का कहना है कि इस विषय में कई बार विश्वविद्यालय प्रशासन को अवगत कराया गया लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है.

 

छात्रों ने आरोप लगाया है कि समय पर फीस ली जाती है, और देर से जमा करने पर फाइन भी लगाया जाता है, लेकिन सफाई और मेंटेनेंस पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता.

 

एक छात्र ने बताया कि कुछ-कुछ समय पर झाड़ू-पोछा होता जरूर है लेकिन उससे हालात नहीं सुधरते. क्लासरूम में बैठना मुश्किल होता है, पंखे चलते नहीं, शीशे टूटे हुए हैं और टॉयलेट्स का हाल बेहद खराब है.

 

जब इस संबंध में विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार धनंजय द्विवेदी से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा कि साफ-सफाई और भवन रख-रखाव का पूरा ध्यान रखा जाता है.

 

लेकिन जब टूटी खिड़कियों, बंद पड़ी कैंटीन और जर्जर इमारतों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने जवाब देने के बजाय विकास अधिकारी से बात करने की सलाह दी. हालांकि, हमारी कोशिश के बावजूद विकास अधिकारी से संपर्क नहीं हो पाया.


कॉरिडोर में पेशाब की बदबू, खंडहर बने इमारत, कैंटीन जो बनी पर चालू नहीं हुई, दीवारों पर जमी धूल, और कैंपस में जगह-जगह फैला कचरा छात्रों की नाराजगी को और बढ़ा रहा है.

 

यह खबर छात्रों द्वारा बताए गए अनुभवों, कैंपस में लिए गए चित्र और विश्वविद्यालय प्रशासन से मिली जानकारी पर आधारित है. यदि विश्वविद्यालय इस विषय पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी करता है तो उसे भी अपडेट किया जाएगा.

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