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लद्दाख हिंसा : केंद्र सरकार का अहम फैसला, सोनम वांगचुक जेल से रिहा होंगे, NSA हटाया

 New Delhi : सामाजिक कार्यकर्ता रेमन मैग्सेसे पुरस्कार विजेता सोनम  वांगचुक को लेकर बड़ी खबर आयी है. मोदी सरकार द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत उनकी गिरफ्तारी को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिये जाने की सूचना है.

 

याद करे कि सोनम वांगचुक को पिछले साल लद्दाख हिंसा के सिलसिले में प्रशासन ने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत कार्रवाई करते हुए हिरासत में लिया था.  

 

 

मामला यह है कि  पिछले् साल 24 सितंबर को लेह में हुए एक बड़े प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा में चार लोगों की मौत हो गयी थी. कई लोग घायल हो गये थे.

 


प्रशासन के अनुसार इस आंदोलन को भड़काने में सोनम वांगचुक की अहम भूमिका थी. वांगचुक उस समय प्रेस कॉन्फ्रेंस के लिए जा रहे थे. तब उन्हें हिरासत में लिया गया था. जिला मजिस्ट्रेट लेह के आदेश पर वांगचुक को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत हिरासत में लिया गया था. 

 


उन्हें राजस्थान की जोधपुर जेल भेजा गया था. रासुका अधिनियम की धारा के तहत किसी व्यक्ति को हिरासत में रखने की अधिकतम अवधि 12 महीने हो सकती है.  सरकार चाहे तो इस अवधि के समाप्त होने से पहले किसी भी समय व्यक्ति को रिहा कर सकती है

 


सरकार ने उनकी गिरफ्तारी रद्द करने के संदर्भ में बयान जारी कर कहा है कि सरकार लद्दाख में शांति, स्थिरता और आपसी विश्वास का वातावरण बनाने के लिए प्रतिबद्ध है.

 


गृह मंत्रालय ने सभी हितधारकों के साथ सार्थक बातचीत की प्रक्रिया शुरू करने के उद्देश्य को लेकर सोनम वांगचुक की हिरासत समाप्त करने का फेसला लिया है. 

 

 
जान लें कि वांगचुक की पत्नी गीतांजलि ने उनकी हिरासत को अवैध और मनमाना करार देत हुए  उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी थी.  इस मामले की सुनवाई अभी चल रही है. 

 


सोनम वांगचुक लद्दाख के जाने-माने इंजीनियर, शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में जाने जाते हैं. कहा जाता है कि फिल्म थ्री इडियट्स में आमिर खान का कैरेक्टर फुनसुक वांगडू इ सोनम वांगचुक से प्रेरित था.

 

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