Ranchi/Khunti : खूंटी जिले के कर्रा प्रखंड के जरियागढ़ थाना क्षेत्र स्थित इंदवन जंगल में पुलिस और पीएलएफआई उग्रवादियों के बीच हुई मुठभेड़ के बाद एक महत्वपूर्ण डायरी पुलिस के हाथ लगी है. पुलिस को आशंका है कि इस डायरी में संगठन के लेवी नेटवर्क, सहयोगियों व आर्थिक स्रोतों से जुड़े कई अहम राज छिपे हैं.
मुठभेड़ में घायल हुए पीएलएफआई के एरिया कमांडर श्रवण दास की निशानदेही पर बरामद डायरी में कई ठेकेदारों के नाम, मोबाइल नंबर और संगठन से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण विवरण दर्ज होने की जानकारी सामने आई है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि किन-किन ठेकेदारों से संगठन नियमित रूप से लेवी वसूलता था और कौन लोग भय या दबाव में उग्रवादियों को सहयोग कर रहे थे.
सूत्रों के अनुसार, डायरी में दर्ज नामों और नंबरों का सत्यापन किया जा रहा है. पुलिस यह भी खंगाल रही है कि कहीं कुछ लोग स्वेच्छा से तो संगठन की मदद नहीं कर रहे थे. हालांके, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि केवल डायरी में नाम होने मात्र से किसी को दोषी नहीं माना जा सकता. सभी तथ्यों की गहन जांच की जा रही है.
खूंटी एसपी ऋषभ गर्ग ने बताया कि बरामद डायरी संगठन के नेटवर्क को ध्वस्त करने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है. डायरी में दर्ज सूचनाओं के आधार पर कई लोगों से पूछताछ की जा सकती है. इसके अलावा यह भी पता लगाया जा रहा है कि संगठन किन विकास योजनाओं, सड़क निर्माण कार्यों और अन्य परियोजनाओं से जुड़े ठेकेदारों से लेवी वसूलता था.
उल्लेखनीय है कि पुलिस ने श्रवण दास और उसके सहयोगियों को गुप्त सूचना के आधार पर गिरफ्तार किया था. बाद में हथियार बरामदगी के लिए इंदवन जंगल ले जाने के दौरान श्रवण दास ने कथित रूप से एक पुलिस अधिकारी की पिस्तौल छीनकर भागने और फायरिंग करने का प्रयास किया, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में वह घायल हो गया.
फिलहाल पुलिस ने पूरे क्षेत्र में सर्च अभियान तेज कर दिया है.बरामद डायरी, हथियारों और अन्य दस्तावेजों के आधार पर पीएलएफआई के आर्थिक तंत्र और सहयोगियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है. जांच पूरी होने के बाद कई बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है.
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