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LAGATAR EXCLUSIVE : कौन है पलामू का सोना कारोबारी, जो प्रिंस खान को देता है 20 लाख, जमीन सौदों से भी जुड़ा लिंक

पलामू का एक सोना कारोबारी गैंगस्टर प्रिंस खान के गुर्गों को हर साल करीब 20 लाख रुपये की आर्थिक मदद करता रहा है. जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि उक्त कारोबारी कई संदिग्ध और अवैध गतिविधियों में भी शामिल रहा है.
 

Palamu :  पलामू का एक सोना कारोबारी गैंगस्टर प्रिंस खान के गुर्गों को हर साल करीब 20 लाख रुपये की आर्थिक मदद करता रहा है. जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि उक्त कारोबारी कई संदिग्ध और अवैध गतिविधियों में भी शामिल रहा है.

 

सूत्रों के अनुसार, कारोबारी ने पलामू और आसपास के इलाकों में करोड़ों रुपये की जमीन भी खरीद रखी है, जिनमें कुछ सौदे विवादित बताए जा रहे हैं. 

 

पुलिस जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ है कि सोना कारोबारी का लिंक प्रिंस खान और सुजीत सिंह से जुड़े गिरोहों के साथ जुड़ा हुआ है. वह यह रकम कथित तौर पर ‘सुरक्षा’ और अपने कारोबार को निर्बाध रूप से चलाने के एवज में देता था.

 

प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि यह कोई एक बार का लेन-देन नहीं है, बल्कि एक तय व्यवस्था के तहत हर साल किया जाने वाला भुगतान था. कारोबारी और गिरोह के बीच लंबे समय से तालमेल बना हुआ था, जिसमें भुगतान का तरीका भी बेहद गोपनीय रखा जाता था, ताकि सीधे तौर पर कोई सबूत सामने न आए.

 

सूत्रों के मुताबिक, हाल ही में संदिग्ध कॉल डिटेल्स, वित्तीय लेन-देन और स्थानीय इनपुट के आधार पर पुलिस ने जब गहराई से जांच शुरू की, तब इस नेटवर्क का खुलासा हुआ. तकनीकी सर्विलांस और मुखबिरों की सूचना से यह पुष्टि हुई कि कारोबारी नियमित रूप से गिरोह के संपर्क में है.

 

जांच में यह भी सामने आया है कि जमीन के कई मामलों में गिरोह की सक्रिय भूमिका रही है. जहां कहीं भी जमीन को लेकर विवाद होता था, वहां गिरोह के लोग हस्तक्षेप कर सौदे को अपने पक्ष में करवाते थे. इसके बदले कारोबारी को फायदा पहुंचाया जाता था और गिरोह को हिस्सेदारी मिलती थी. कई मामलों में दबाव बनाकर जमीन की रजिस्ट्री कराने की भी बात सामने आई है.

 

पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि 20 लाख रुपये की सालाना रकम सीधे तौर पर नहीं दी जाती थी, बल्कि अलग-अलग माध्यमों कैश, बिचौलियों और छोटे-छोटे ट्रांजैक्शन के जरिए गिरोह तक पहुंचाई जाती थी, जिससे इसे ट्रैक करना मुश्किल हो सके.

 

फिलहाल पुलिस इस पूरे नेटवर्क की गहन जांच में जुटी है. अधिकारियों का कहना है कि मामले में कई अहम सुराग मिले हैं और आने वाले दिनों में बड़ी कार्रवाई संभव है. इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो.

 

इस खुलासे के बाद इलाके में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है. लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर इतने लंबे समय तक इस तरह का गठजोड़ कैसे चलता रहा.

 

 

 

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