Jamtara News : जमाताड़ा जिले के नारायणपर प्रखंड में पंदनी से नारोडीह तक ग्रामीण कार्य विभाग की निर्मित सड़क में गोचर भूमि के अतिक्रमण मामले में प्रशासन ने त्वरित कार्वाई की है. मामले को गंभीरता से लेते हुए डीसी आलोक कुमार के निर्देश पर सोमवार को नारायणपुर अंचल की टीम ने स्थल पर पहुंचकर जमीन की मापी की.
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मापी का कार्य नारायणपुर अंचल के हल्का कर्मचारी मिहिर सोरेन व राजस्व अमीन प्रदीप कुमार ने किया. बताया गया कि करीब तीन किलोमीटर लंबी इस सड़क के निर्माण में लगभग एक एकड़ गोचर भूमि का अतिक्रमण करने का आरोप ग्रामीणों ने लगाया है. इस संबंध में Lagatar Media प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी. खबर प्रकाशित होने के बाद जामताड़ा एसडीओ अनंत कुमार ने मामले में संज्ञान लिया था. वहीं, डीसी आलोक कुमार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए टीम गठित कर पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए.
अंचल स्तर पर जांच और मापी की कार्रवाई पूरी कर ली गई है. अधिकारियों के अनुसार, जांच रिपोर्ट डीसी को जल्द सौंपी जाएगी. रिपोर्ट को फिलहाल गोपनीय रखा गया है, इसलिए जांच के निष्कर्षों को लेकर प्रशासन की ओर से आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं बताया गया है.
हालांकि, सूत्रों के अनुसार दाग संख्या 470 और 527 में कुल करीब एक एकड़ जमीन गोचर भूमि के रूप में दर्ज होने की बात सामने आ रही है. अब यह जमीन सड़क निर्माण की जद में किस प्रकार आई और क्या वास्तव में गोचर भूमि का अतिक्रमण हुआ है, इसका अंतिम फैसला जांच रिपोर्ट के आधार पर ही होगा.
नारायणपुर सीओ ने कहा कि डीसी के निर्देश पर जांच कराई गई है. रिपोर्ट गोपनीय है, इसलिए अभी इस संबंध में जानकारी देना संभव नहीं है. डीसी के निर्देश के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी.
इधर, गोचर भूमि के अतिक्रमण के मुद्दे को लेकर स्थानीय लोगों में भी चर्चा तेज है. ग्रामीणों का कहना है कि सार्वजनिक उपयोग की गोचर भूमि को प्रशासन अतिक्रमण मुक्त कराए.
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