Ranchi : बरियातू थाना क्षेत्र स्थित आईकेडीएस अस्पताल (IKDS Hospital) द्वारा मरीज की मौत के बाद शव को बंधक बनाने के मामले में रांची जिला प्रशासन ने संज्ञान लिया है. Lagatar.in पोर्टल पर ''निजी अस्पताल पर महिला के शव को बंधक बनाने का आरोप, अतिरिक्त बिल मांगने पर परिजनों का हंगामा'' शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी.
खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासन हरकत में आया और रांची डीसी मंजूनाथ भजंत्री ने सिविल सर्जन को जांच के आदेश दिए. डीसी के निर्देश के बाद सिविल सर्जन ने चिकित्सकों की टीम को मामले की जांच के लिए भेजा. जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद महिला का शव परिजनों को सौंप दिया गया.
बताया जा रहा है कि परिजन लंबे समय से शव मिलने का इंतजार कर रहे थे. प्रशासन की पहल के बाद आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिया गया. मामले में सिविल सर्जन की टीम की जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लगाया था शव को बंधक बनाने का आरोप
गौरतलब है कि परिजनों ने आईकेडीएस अस्पताल पर मरीज की मौत के बाद शव को बंधक बनाने का आरोप लगाया था. परिजनों के अनुसार, गढ़वा निवासी संजय सिंह की पत्नी श्रवंती देवी को तबीयत बिगड़ने पर इलाज के लिए रांची लाया गया था, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई.
परिजनों ने आरोप लगाया था कि अस्पताल प्रबंधन ने पहले 60 हजार रुपये का बिल जमा कराया. राशि जमा करने के बाद भी शव नहीं सौंपा गया और बाद में 75 हजार रुपये का अतिरिक्त बिल थमा दिया गया. उनका यह भी आरोप था कि अस्पताल प्रबंधन ने पूरी राशि जमा नहीं होने तक शव देने से इनकार कर दिया.
हालांकि इस संबंध में जब अस्पताल प्रबंधन से पूछा गया तो कहा कि ऐसा कोई मामला प्रकाश में नहीं है. अस्पताल जाने के बाद क्या मामला है, इसका पता करते हैं.
बिल के नाम पर शव रोकने पर होगी कार्रवाई : सीएम
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि यदि किसी अस्पताल द्वारा बिल के नाम पर शव रोकने की शिकायत मिलती है तो संबंधित अस्पताल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा था कि किसी भी परिस्थिति में अस्पताल परिजनों को शव देने से इनकार नहीं कर सकते हैं.
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