Ranchi : कोयले के काले धंधे में अनुप माजी और गुरुपद माजी पार्टनर तो थे ही, कोयले की काली कमाई से बनी कंपनियों में दोनों की पत्नियां भी बिजनेस पार्टनर है. पत्नियों की हिस्सेदारी से बनी कंपनी ही बिहारी नाथ रिसॉर्ट चलाती थी. इस रिसॉर्ट पर कोयले की काली कमाई से हुई आमदनी भी खर्च की जाती थी.
लाला के मामले की जांच के दौरान पाया गया कि कोयले की काली कमाई से दो दर्जन कंपनियां बनायी गयी थी. इन कंपनियों में पारिवारिक सदस्यों के अलावा दूर के रिश्तेदार भी निदेशक थे. जांच में पाया गया कि इनमें से एक कंपनी ऐसी है जिसमें लाला की पत्नी रूपाली माजी और गुरुपद की पत्नी नीलिमा माजी निदेशक है. इस कंपनी का नाम एक्सेल इंफ्राबिल्ड प्राइवेट लिमिटेड है. यही कंपनी बंगाल में बनी बिहारी नाथ रिसॉर्ट चलाती है.

बिहारी नाथ रिसॉर्ट की तस्वीर..
जांच में पता चला कि बिहारी नाथ रिसॉर्ट पर कोयले की अवैध कमाई भी खर्च की जाती थी. गुरुपद माजी खुद को बड़ी कंपनियों में निदेशक है. इसमें डॉस्कन सौरभ कॉमर्शियल प्राइवेट लिमिटेड का नाम शामिल है. इस कंपनी के अधीन राजलक्ष्मी राइस मिल चलती है. इसके अलावा गुरूपद माजी द्वारा इस कंपनी के सहारे भी अवैध कोयले की ढुलाई की जाती थी.
जांच में पाया गया कि अवैध कोयले से होने वाली कमाई को तीन जगहों पर जमा किया जाता था. इसमें कोलकाता स्थित कार्यालय, लाला के घर पुरुलिया स्थित कार्यालय और पेट्रोल पंप शामिल है. कोलकाता मुख्यालय स्थित कार्यालय में जमा होने वाले पैसों का हिसाब-किताब रखने की जिम्मेवारी नीरज सिंह को सौंपी गयी थी. पुरुलिया स्थित कार्यालय पर जमा होने वाले पैसे का हिसाब किताब रखने के लिए रॉबिन कालाई और सानु मलिक नामक दो व्यक्ति तैनात थे. दोनों ही लाला के खास कर्मचारी बताया जाते हैं. इसके अलावा लाला के पुरुलिया स्थित पेट्रोल पंप पर जमा होने वाले पैसों का हिसाब किताब रखने की जिम्मेवारी लाला के ड्राइवर बामापद डे को थी. जांच एजेंसियों को इन ठिकानों से कोयले की अवैध बिक्री से हुई आदमी का ब्योरा दर्ज मिला था. इसमें करीब चार साल के दौरान 2742.00 करोड़ रुपये की कमाई का हिसाब किताब दर्ज था.

बिहारी नाथ रिसॉर्ट.
जांच में पाया गया कि 2742.00 करोड़ रुपये की हुई इस कमाई में से गुरुपद माजी को हिस्सा के तौर पर 89.00 करोड़ रुपये दिये गये थे. गुरुपद को किये गये इस भुगतान का विस्तृत ब्योरा भी दर्ज थी. इसे दस्तावेज में भुगतान की तारीख के साथ लिखा गया था. साथ ही इस बात का भी उल्लेख किया गया था कि भुगतान किसके माध्यम से किया गया.
गुरुपद को कब कितने रुपये दिये गए
- • 5 मार्च 2019 को तापस माजी के माध्यम से गुरूपद को 24.00 करोड़ का भुगतान किया गया.
- • 5 मार्च 2019 को ही तापस माजी के माध्यम से गुरूपद को 10.00 करोड़ का भुगतान किया गया.
- • 14 जनवरी 2019 को तापस माजी के माध्यम से गुरूपद को 12.50 करोड़ का भुगतान किया.
- • 2 फरवरी 2020 को मनोज दा के माध्यम से गुरुपद दा को 2.50 करोड़ रुपये का भुगतान किया.
- • 3 फरवरी 2020 को मनोज दा के माध्यम से गुरूपद दा को 2.50 करोड़ का भुगतान किया.
इसी हिसाब किताब में यह भी लिखा है कि गुरूपद माजी ने बिहारी रिसॉर्ट पर करीब एक साल में 1.55 करोड़ रुपये खर्च किया था.
गुरुपद माजी के पारिवारिक सदस्यों के नाम पर बनी कंपनियां
| कंपनी का नाम | निदेशक | रिश्ता |
| मॉन्सटर कॉरपोरेट कंसलटेंट | नीलिमा माजी | गुरूपद की पत्नी |
| मनिकम डेवकन | नीलिमा माजी | गुरुपद की पत्नी |
| अंजनी पुत्र सेल्स | सौरभ माजी | गुरुपद का पुत्र |
| आकाश गंगा सप्लायर | सौरभ माजी | गुरूपद का पुत्र |
| सर्वोदय कंप्यूटर | तापस माजी | गुरूपद का भतीजा |
| ब्ल्यू बर्ड टेलकम | सौरभ और तापस | गुरूपद का बेटा और भतीजा |
| कुबेर विनट्रेड | निमाई गोप | गुरूपद का साला |
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