Lagatar Desk : नौकरी के बदले जमीन घोटाला मामले में लालू यादव और उनके परिवार की कानूनी मुश्किलें बढ़ गई हैं. दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने लालू, राबड़ी देवी, मीसा भारती, तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव, हेमा यादव समेत 41 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं.
दूसरी ओर मामले की सुनवाई के दौरान लालू यादव और राबड़ी देवी ने खुद पर लगे आरोपों को मानने से इनकार कर दिया है. हालांकि उन्होंने मुकदमे (ट्रायल) का सामना करने की बात कही है.
Delhi | Rouse Avenue Court formally framed the charge against Lalu Prasad Yadav, Rabri Devi in Land for Job case.
— ANI (@ANI) February 16, 2026
Lalu Prasad Yadav and Rabri Devi denied the charges and said that they will face the trial.
व्यक्तिगत पेशी से मिली छूट
कोर्ट ने लालू परिवार को व्यक्तिगत पेशी से छूट भी दी है. इससे पहले भी कोर्ट ने सभी आरोपियों को स्वास्थ्य और अन्य कारणों के कारण सशरीर पेशी से छूट दी थी.
क्या है लैंड फॉर जॉब मामला
जमीन के बदले नौकरी घोटाला 2004 से 2009 के बीच है, जब लालू प्रसाद यादव रेलवे मंत्री थे. सीबीआई का आरोप है कि लालू यादव ने इस दौरान पटना के 12 लोगों को ग्रुप डी में चुपके से नौकरी दी और उनसे अपने परिवार के लोगों के नाम पटना में जमीनें लिखवा लीं.
सीबीआई का दावा है कि लालू यादव की पत्नी राबड़ी देवी, बेटी मीसा भारती और हेमा यादव के नाम प्लॉट्स की रजिस्ट्री करायी गयी और जमीन की मामूली कीमत नकद में चुकायी गयी.
उधर रेलवे में जिन पदों पर भर्ती हुई, उसका न तो विज्ञापन निकाला गया और न ही सेंट्रल रेलवे को सूचना दी गयी. आवेदन देने के 3 दिन के अंदर नौकरी दे दी गयी.
इस मामले में सीबीआई ने लालू परिवार सहित 103 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है. इनमें से 4 आरोपियों की मौत हो चुकी है.
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