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लैंड फॉर जॉब केस : लालू परिवार के खिलाफ आरोप तय, कोर्ट बोली- आरोपियों ने आपराधिक सिंडिकेट की तरह काम किया

Lagatar Desk :   नौकरी के बदले जमीन घोटाला मामले में राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार की कानूनी मुश्किलें और बढ़ गई हैं. दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने इस मामले में लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, मीसा भारती, तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव, हेमा यादव समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं. अब सभी आरोपियों के खिलाफ नियमित ट्रायल चलेगा. 

 

नौकरी के लिए जमीन का मामला | राउज एवेन्यू कोर्ट ने लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, मीसा भारती, तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव, हेमा यादव पर आरोप तय किए। https://t.co/H4F4y0xCy4

— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 9, 2026

 

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि प्रथम दृष्टया यह मामला केवल अलग-अलग लेनदेन का नहीं, बल्कि एक संगठित आपराधिक साजिश का संकेत देता है. अदालत के अनुसार, आरोपियों ने एक आपराधिक सिंडिकेट की तरह काम किया, जिसमें जमीन के बदले रेलवे में नौकरी देने की साजिश रची गई. सीबीआई द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने माना कि आरोप तय करने के लिए पर्याप्त आधार मौजूद हैं. 

बार-बार टलता रहा फैसला

गौरतलब है कि इस मामले में आरोप तय करने को लेकर कोर्ट का फैसला कई बार टल चुका था. 10 नवंबर को हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने अपना आदेश सुरक्षित रखते हुए फैसला 4 दिसंबर तक के लिए टाल दिया था. इसके बाद 4 दिसंबर की सुनवाई में अगली तारीख 8 दिसंबर तय की गई. वहीं 8 दिसंबर को सुनवाई के दौरान फैसला 10 दिसंबर तक के लिए टाल दिया गया. इस तरह तारीख पर तारीख पड़ने के बाद अंततः 9 जनवरी को कोर्ट ने सभी आरोपियों के खिलाफ आरोप तय कर दिए.

 

क्या है लैंड फॉर जॉब मामला

जमीन के बदले नौकरी घोटाला 2004 से 2009 के बीच है, जब लालू प्रसाद यादव रेलवे मंत्री थे. सीबीआई का आरोप है कि लालू यादव ने इस दौरान पटना के 12 लोगों को ग्रुप डी में चुपके से नौकरी दी और उनसे अपने परिवार के लोगों के नाम पटना में जमीनें लिखवा लीं.

 

सीबीआई का दावा है कि लालू यादव की पत्नी राबड़ी देवी, बेटी मीसा भारती और हेमा यादव के नाम प्लॉट्स की रजिस्ट्री करायी गयी और जमीन की मामूली कीमत नकद में चुकायी गयी.

 

उधर रेलवे में जिन पदों पर भर्ती हुई, उसका न तो विज्ञापन निकाला गया और न ही सेंट्रल रेलवे को सूचना दी गयी. आवेदन देने के 3 दिन के अंदर नौकरी दे दी गयी. इस मामले में सीबीआई ने लालू परिवार सहित 103 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है. इनमें से 4 आरोपियों की मृत्यु हो चुकी है.

 

 

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