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धनबाद में फिर भू-धंसान : टंडाबाड़ी बस्ती के 10 घर जमींदोज, 4 घायल, 1 गंभीर

Dhanbad:  जिले के बाघमारा प्रखंड अंतर्गत सोनारडीह ओपी क्षेत्र की टंडाबाड़ी बस्ती में गुरुवार रात एक बार फिर भयावह भू-धंसान की घटना सामने आई. इस हादसे में लगभग 10 घर पूरी तरह जमीन में समा गए.

 

जबकि 4 लोग घायल हो गए. इनमें से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिसे इलाज के लिए धनबाद के असर्फी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई.

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तेज धमाका हुआ और जमीन धंसने लगी

 प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अचानक तेज धमाके जैसी आवाज हुई और जमीन धंसने लगी. लोग जान बचाने के लिए घरों से बाहर भागे. लेकिन कई लोग मलबे में फंस गए. स्थानीय ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए घायलों को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया.

 

सूचना मिलते ही जिला प्रशासन व बीसीसीएल के अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया. हालांकि इस घटना को लेकर स्थानीय लोगों में प्रशासन और बीसीसीएल प्रबंधन के प्रति भारी नाराजगी देखी गई.

 

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प्रशासन से सुरक्षित स्थान पर बसाने की मांग 

पीड़ित मनोज सिंह ने बताया कि रात का खाना बनाने की तैयारी कर रहे थे. तभी अचानक तेज आवाज हुई और जमीन हिलने लगी. मैं जैसे-तैसे बाहर निकला और देखते ही देखते आसपास के कई घर जमीन में समा गए. 

 

वहीं एक अन्य पीड़ित नरेश भुइयां ने कहा कि मैं पहले से ही डर के साए में जी रहा था. इस बार सब कुछ खत्म हो गया. किसी तरह जान बची है. प्रशासन से मांग है कि हमें सुरक्षित स्थान पर बसाया जाए.


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बीसीसीएल प्रबंधन पर लगाए गंभीर आरोप 

स्थानीय लोगों के अनुसार, टंडाबाड़ी बस्ती में भू-धंसान की यह तीसरी बड़ी घटना है. पहली घटना में तीन लोगों की जान चली गई थी.जबकि हाल ही में हुई दूसरी घटना में कई घरों में दरारें पड़ गई थीं.

 

लगातार खतरे के बीच लोग पहले ही पलायन की सोच रहे थे. लेकिन इससे पहले ही यह बड़ा हादसा हो गया. लोगों ने बीसीसीएल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वर्षों से जारी कोयला खनन के कारण जमीन अंदर से खोखली हो चुकी है, जिससे ऐसी घटनाएं बार-बार हो रही हैं. 

 

उनका कहना है कि यह उनकी पुश्तैनी जमीन है, जहां वे पीढ़ियों से रह रहे थे. लेकिन अब उन्हें असुरक्षित हालात में छोड़ दिया गया है.

 

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21 प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर बसाना प्राथमिकता 

मौके पर पहुंचे बाघमारा के अंचलाधिकारी गिरजा नंद किस्कू ने बताया कि भू-धंसान के कारण कई परिवार बेघर हो गए हैं और फिलहाल खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं. प्रशासन की प्राथमिकता करीब 21 प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर बसाने की है. साथ ही क्षेत्र के एक स्कूल को भी स्थानांतरित करने की योजना बनाई जा रही है.

 

लोगों के सामने जीवन और सुरक्षा का गंभीर संकट

लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने टंडाबाड़ी बस्ती के लोगों के सामने जीवन और सुरक्षा का गंभीर संकट खड़ा कर दिया है. अब सवाल यह है कि प्रशासन और बीसीसीएल कब तक इन पीड़ितों को स्थायी समाधान और सुरक्षित ठिकाना मुहैया करा पाते हैं.

 

 

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