और जजों के सम्मेलन में पीएम मोदी ने कहा, न्याय जनता से जुड़ा होना चाहिए, आमजन की भाषा में होना चाहिए…
मिसिर बेसरा और पतिराम है नक्सलियों का रणनीतिकार
कोल्हान इलाके में नक्सलियों सुरक्षाबलों के द्वारा लगातार अभियान चलाया जा रहा है. सुरक्षाबलों के इस चौतरफा घेराबंदी के बावजूद नक्सली कोल्हान क्षेत्र के सराईकेला और चाईबासा के इलाका छोड़ने के मूड में नहीं हैं. यही कारण है कि लगातार इस इलाके में पुलिस-नक्सली मुठभेड़ हो रही है. यह सवाल बार-बार उठता है कि आखिर नक्सलियों की अगुवाई कौन कर रहा है? पुलिस और मीडिया में जो छवि बनी है, उसमें सबसे आक्रामक छवि एक करोड़ के इनामी सेंट्रल कमेटी का सदस्य पतिराम मांझी उर्फ अनल दा और मिसिर बेसरा की है. कोल्हान के इलाका में नक्सलियों का असली रणनीतिकार पतिराम मांझी उर्फ अनल दा और मिसिर बेसरा है. उसकी रणनीति पर ही माओवादी यहां अपना गढ़ बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं. इसे भी पढ़ें - Twitter">https://lagatar.in/elon-musk-sold-4-4-million-shares-of-tesla-to-buy-twitter-shares-continued-to-fall/">Twitterखरीदने के लिए एलन मस्क ने बेचे टेस्ला के 44 लाख शेयर, शेयरों में लगातार गिरावट जारी
झारखंड के 16 जिलों में 119 नक्सली पुलिस के लिए साबित हो रहे सिरदर्द
राज्य में चंद बड़े नक्सली ही पुलिस के लिए सिरदर्द बने हुए हैं. छुपकर वार करते हैं और पुलिस को लगातार चुनौती देते हैं. राज्य पुलिस की सूची के अनुसार भी सिर्फ 119 नक्सली ही वांटेड हैं, जिनपर करोड़ों के इनाम हैं.अब झारखंड पुलिस भी इन मुट्ठी भर नक्सलियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने जा रही है. इसे भी पढ़ें - बिजली">https://lagatar.in/life-is-affected-due-to-power-crisis-from-childs-education-to-business-is-being-affected/">बिजलीसंकट से जनजीवन प्रभावित, बच्चों की पढ़ाई से लेकर कारोबार पर पड़ रहा असर
माओवादी प्रभाव वाले 25 में 8 जिले झारखंड के है
झारखंड के आठ जिले माओवादियों की सक्रियता की लिहाज से अति माओवाद प्रभाव श्रेणी में हैं. वहीं राज्य के 16 जिलों में माओवादियों का प्रभाव है. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने केंद्र की एसआरआई स्कीम के तहत माओवाद प्रभाव वाले जिलों की समीक्षा की थी. केंद्रीय गृह मंत्रालय के मुताबिक पूर्व में देशभर के 90 जिले माओवाद प्रभावित थे, अब संख्या घटकर 70 रह गयी है. केंद्र ने 70 में से 25 जिलों को अति माओवादी प्रभाव वाला माना है. देश के अति माओवाद प्रभाव वाले 25 में 8 जिले झारखंड के हैं. झारखंड में माओवाद प्रभाव वाले 16 जिलों में रांची, खूंटी, बोकारो, चतरा, धनबाद, पूर्वी सिंहभूम, गढ़वा, गिरिडीह, गुमला, हजारीबाग, लातेहार, लोहरदगा, पलामू, सिमडेगा, सरायकेला-खरसावां, पश्चिमी सिंहभूम शामिल हैं. वहीं आठ अति माओवाद प्रभावित जिलों में चतरा, गिरिडीह, गुमला, खूंटी, लोहरदगा, लातेहार, सरायकेला पश्चिमी सिंहभूम शामिल है. इसे भी पढ़ें - देश">https://lagatar.in/peak-power-demand-of-electricity-in-the-country-crosses-2-lakh-mw-this-is-the-highest-level/">देशमें बिजली की पीक पावर डिमांड 2 लाख मेगावाट के पार, यह है हाइएस्ट लेवल [wpse_comments_template]

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