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लातेहार: 4500 रुपये के आरसीसी बेंच की 18,800 में खरीद की शिकायत एसीबी से

Latehar: लातेहार में आरसीसी बेंचों की खरीद, ज्ञान केंद्रों में सामग्री आपूर्ति और जलमीनारों के मरम्मत व रख-रखाव कार्यों में लाखों रुपये के कथित भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) से की गई है. सेंटर फॉर आरटीआई के अध्यक्ष पंकज कुमार यादव ने एसीबी को भेजे शिकायत पत्र में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की है.

 

शिकायतकर्ता ने कहा है कि सेंटर फॉर आरटीआई राज्यभर में भ्रष्टाचार के विरुद्ध कार्य करने वाली संस्था है और संस्था द्वारा उठाए गए कई मामलों की जांच सीबीआई, ईडी और एसीबी जैसी एजेंसियों से कराने की बात की जा रही है. इसी क्रम में संस्था को प्राप्त शिकायतों के आधार पर लातेहार में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता की जानकारी सामने आई है.

 

शिकायत के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 में 15वें वित्त आयोग मद से विभिन्न पंचायतों में लगाए गए आरसीसी बेंचों की खरीद में भारी गड़बड़ी की गई. आरोप है कि बाजार में लगभग 4,500 रुपये कीमत वाले एक आरसीसी बेंच की आपूर्ति 18,800 रुपये प्रति बेंच की दर से दर्शाकर 80 लाख रुपये से अधिक का भुगतान प्राप्त किया गया. महुआडांड़ प्रखंड में 91, मनिका प्रखंड में 37 और सदर प्रखंड में 423 आरसीसी बेंच लगाए गए, जिनमें बाजार मूल्य से कई गुना अधिक राशि की निकासी किए जाने का आरोप लगाया गया है.


शिकायत में एके इंटरप्राइसेस, वर्षा इंटरप्राइसेस और हमदान इंटरप्राइसेस पर अधिकारियों, पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की मिलीभगत से अधिक भुगतान प्राप्त करने और गुणवत्ताहीन बेंचों की आपूर्ति करने का आरोप लगाया गया है. कहा गया है कि दो वर्ष की वारंटी होने के बावजूद कई बेंच निर्धारित अवधि पूरी होने से पहले ही क्षतिग्रस्त होने लगे हैं.


शिकायतकर्ता ने यह भी दावा किया है कि एके इंटरप्राइसेस के पास कोई विधिवत व्यावसायिक प्रतिष्ठान नहीं है. वर्ष 2023-24 में जिला प्रशासन द्वारा की गई जांच में भी निजी आवास से व्यावसायिक गतिविधियों के संचालन का मामला सामने आया था और फर्म को दोषी पाया गया था. इसके बावजूद उक्त फर्म को आरसीसी बेंचों की आपूर्ति, विद्यालयों में पेयजल व्यवस्था और ज्ञान केंद्रों में सामग्री आपूर्ति जैसे महत्वपूर्ण कार्यों की जिम्मेदारी दिए जाने पर भी सवाल उठाए गए हैं.


शिकायत पत्र में पिछले तीन वर्षों के दौरान जिले के सभी प्रखंडों और पंचायतों में आरसीसी बेंचों की आपूर्ति, ज्ञान केंद्रों में सामग्री वितरण और जलमीनारों के मरम्मत व रख-रखाव कार्यों में हुए कथित करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार की विस्तृत जांच कराने की मांग की गई है. पंकज कुमार यादव ने कहा है कि पूरे मामले को जल्दी ही हाईकोर्ट के समक्ष भी प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि व्यापक स्तर पर जांच सुनिश्चित हो सके.

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