Ranchi/Latehar : ड्रिंक एंड ड्राइव मामले में निलंबित सीओ से जिला परिवहन पदाधिकारी द्वारा मात्र 10,500 रुपये का जुर्माना लेकर छोड़ दिए जाने के बाद स्थानीय लोगों में लातेहार जिला प्रशासन के प्रति नाराजगी और सवाल दोनों बढ़ गए हैं.
लोगों का कहना है कि संबंधित अधिकारी के वाहन का इंश्योरेंस और प्रदूषण प्रमाणपत्र पहले से फेल थे, और सिल्ट बेल्ट का भी इस्तेमाल नहीं किया गया था. ऐसे में परिवहन नियमों के तहत अतिरिक्त जुर्माना और कार्रवाई भी बनती थी, लेकिन केवल ड्रिंक एंड ड्राइव का फाइन लेकर वाहन और अधिकारी को छोड़ दिया गया.
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि यही गलती कोई आम व्यक्ति करता, तो उस पर अलग-अलग धाराओं में चालान काटा जाता और सख्त कार्रवाई होती. लोगों का कहना है कि अधिकारी होने के कारण मामले में नरमी बरती गई, जिससे प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं.
मामले को लेकर लातेहार में प्रशासन की कार्रवाई पर चर्चा तेज हो गई है. आम लोगों का कहना है कि कानून और नियम सभी पर समान रूप से लागू होने चाहिए, ताकि प्रशासन के प्रति लोगों का भरोसा बना रहे.
इस पूरे मामले में निलंबित सीओ प्रमोद कुमार और जिला परिवहन पदाधिकारी उमेश मंडल की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. अब लोगों की नजर प्रशासन की आगे की कार्रवाई और आधिकारिक स्पष्टीकरण पर टिकी हुई है.
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