Latehar News : जिले के बालूमाथ शहर के मेन रोड में कोयला परिवहन करने वाली हाइवा के परिचालन पर रोक लगाने, अलग बाइपास सड़क की विकल्प तलाशने व 12 घंटे नो इंट्री कराने की मांग जोर पकड़ने लगी है.
पिछले दिनों इसे ले कर व्यवसायियों ने बालुमाथ में पैदल मार्च व बालूमाथ बंद का आयोजन कर चुके हैं. इसके बाद पिछले सात अक्टूबर को उपायुक्त के निर्देश पर एसडीएम दिनेश कुमार ने बालूमाथ में व्यवसायी संघ के प्रतिनिधियो के साथ बैठक की थी और इसका समाधान निकालने का आश्वासन दिया था.
उस बैठक के 15 दिन बीत जाने के बाद सोमवार को व्यवसायी संघ के प्रतिनिधिमंडल अंचल कार्यालय पहुंचकर अंचल अधिकारी बालेश्वर राम से मुलाकात की. प्रतिनिधिमंडल ने उक्त बैठक के बाद की गयी कार्रवाई के बारे में जानना चाहा. इस पर अंचलाधिकारी ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि प्रशासन से वार्ता कर इस संबंध में लिखित पत्र के माध्यम से जवाब दिया जाएगा.
मौके पर विधायक प्रतिनिधि रामदेव साव, मोनू गुप्ता, मो मंसूर, मो अतीक अंसारी, मो तौफीक, पंचायत समिति सदस्य पिंटू नायक, रोहित कुमार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और व्यवसायी उपस्थित थे.
वहीं दूसरी ओर आजसू पार्टी ने प्रशासन के इस टाल मटोल रवैये पर खेद प्रकट किया है. बालूमाथ प्रखंड अध्यक्ष शंकर उरांव ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि बालूमाथ शहर वासी वर्षों से शहर में कोयला परिवहन कराने वाली वाहनों का नो इंट्री सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक कराने व इसके लिए एक वैकल्पिक बाइपास की व्यवस्था करने की मांग कर रही है, लेकिन आज तक प्रशासन के द्वारा इस पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि कोलियरी प्रबंधन को लाभ दिलाने के लिए प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है.

