- संगीन धाराओं में 154 मामले दर्ज हैं माओवादियों के रिजनल कमांडर रविंद्र गंझू पर
- 30 सालों से माओवादियों के साथ जुड़ा रहा है रविंद्र गंझू
- पुलिस व सुरक्षा बलों के साथ हुई मुठभेड़ में रहा है शामिल
Latehar: पुलिस के हत्थेठ चढ़ा माओवादियों के रिजनल कमांडर रविंद्र गंझू पर लातेहार, लोहरदग्गा और गुमला जिला के विभिन्नन थानों मे कुल 154 मामले दर्ज हैं. इनमें लातेहार जिला में 40, लोहरदग्गाग में 87 और गुमला जिला में 27 मामले हत्या, आगजनी व अन्यइ संगीन मामलों में दर्ज हैं. एक फरवरी 2012 में पुलिस दल की सरकारी वाहन में ब्लाास्ट करने की घटना में रविंद्र गंझू शामिल था.
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इस घटना में तीन पुलिस जवान शहीद हो गये थे. सात जनवरी 2013 में बरवाडीह के कटिया जंगल मुठभेड़ में भी यह शामिल था. इस घटना में सीआरपीएफ के 11 जवान शहीद हो गये थे. आठ जनवरी 2013 को कटिया जंगल से शहीद जवानों का शव उठाने के क्रम में हुए बम विस्फोवट में तीन ग्रामीणों की मौत हो गयी थी, इस कांड में भी रविंद्र गंझू शामिल था.
22 नवंबर 2019 को चंदवा के लुकईया मोड़ के पास भाकपा माओवादी के द्वारा पुलिस की पीसीआर वैन में हमला किया गया था. इस हमले में चार पुलिस जवान शहीद हुए थे और माओवादियों ने पुलिस के हथियार भी लूट लिये थे. इस हमले में भी रविंद्र गंझू शामिल था. इसके अलावा 20 नवंबर 2021 को लातेहार के रिचुघुटा व डेमू के बीच विस्फोयट कर रेलवे लाइन उड़ा देने, 16 जनवरी 2021 को बंदरलेटा जंगल में लैंड माइंस विस्फोघट में एक महिला की मौत होने, 14 मई 2022 को बांकरचा रोड कंस्ट्र क्शकन साईट में कुल नौ वाहनों में आग लगाने के मामले उसका नाम आया था.
साथ ही हत्या के कई मामले वह कई मामलों में शामिल रहा है. जिसमें 16 फरवरी 2021 को पेशरार के बुलबुल जंगल के पास आईइडी ब्लाास्टम में ग्रामीण हीरालाल भगत की मौत, 18 अगस्त6 2021 को आइइडी ब्लाबस्टम में ग्रामीण बुद्धेश्वार नगेशिया की मौत, 22 दिसंबर लैंड माइंस ब्लाहस्ट8 में सेरेनदाग के चपाल गांव के पास सुपाल तूरी की मौत, 16 नवंबर 2020 को एसपीओ जागीर उरांव की गोली मार कर हत्या8, 11 नवंबर 2020 को कोनगढ़ा गांव में पुल निर्माण कार्य में लगे मुंशी विक्की2 कुमार गुप्ताउ का अहपरण कर हत्याह करने एवं जेसीबी मशीन में आग लगाने का आरोप है.
इसके अलावा 13 जून 2019 को पुलिस मुखबरी के आरोप में विशुनपुर के बानालात ग्राम निवासी ब्रजेश साहू की गोली मार कर हत्या3 करने, 30 नवंबर 2019 को विधानसभा चुनाव के दौरान पुल को विस्फोरट कर उड़ा देने, 12 दिसंबर 2019 को माओवादियों के प्रेशर बम विस्फोमट से एतवा परहैया, घघरी की मौत, 25 दिसंबर 2019 को आइईडी विस्फो ट में लकड़ी काटने जंगल में गयी यमुना कुमारी की मौत समेंत कुल 154 घटनाओं में रविंद्र गंझू पर मामला दर्ज है.
30 वर्षों से माओवादियों के साथ जुड़ा रहा है रविंद्र गंझू
पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव ने मंगलवार को प्रेस वार्ता में पुष्टि की कि पुलिस ने रविंद्र गंझू उर्फ मुकेश गंझू उर्फ सुरेंद्र गंझू ( 43) को गुप्तम सूचना के आधार पर चंदवा थाना क्षेत्र के बेतर ओपी के हेसला बांझी टोला स्थित उसके घर से गिरफ्तार किया है. वह करीब 30 वर्षों से भाकपा माओवादियों के साथ जुड़ा है और पुलिस एवं सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में शामिल रहा है.
रविंद्र गंझू के दस्ते ने कई हमलों में पुलिस को कई बार काफी क्षति पहुंचायी है. उसके पास से पुलिस ने एक स्वंचलित एके 56, 180 चक्र जिंदा कारतूस, ऑटोमैटिक पिस्टाल, इसका 12 चक्र जिंदा कारतूस, एक देशी रायफल (सिंगल बैरल) समेत अन्यि 37 जिंदा कारतूस बरामद किया है.
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