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Latehar News : सरिता नर्सिंग होम में प्रसूता की मौत पर आक्रोश, अस्पताल प्रबंधन ताला लगाकर फरार

Jamtara News : प्रसूता की मौत की खबर गांव पहुंचते ही परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया. मंगलवार को ग्रामीण शव लेकर सरिता नर्सिंग होम पहुंचे और अस्पताल के बाहर धरने पर बैठ गए. ग्रामीणों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच, दोषी चिकित्सक एवं संबंधित कर्मियों पर कार्रवाई तथा अस्पताल की वैधता की जांच की मांग की है.
 
अस्पताल प्रबंधन ताला लगाकर फरार

Jamtara News : शहर के सरिता नर्सिंग होम में इलाज के दौरान एक प्रसूता की मौत के बाद मंगलवार को आक्रोशित परिजनों ने हंगमा किया. मृतका के परिजन और आक्रोशित ग्रामीण शव लेकर नर्सिंग होम पहुंचे और अस्पताल के बाहर धरने पर बैठ गए. परिजनों ने चिकित्सकीय लापरवाही का गंभीर आरोप लगाते हुए पूरे मामले की जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन नर्सिंग होम में ताला लगाकर मौके से फरार बताया जा रहा है.

 

 

जानकारी के अनुसार, भंडारो गांव निवासी सुनीता मरांडी को प्रसव के लिए 21 अगस्त को सरिता नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था. मृतका के पति मुकेश हेम्ब्रम के अनुसार, अस्पताल प्रबंधन से करीब 35 हजार रुपये में सिजेरियन प्रसव कराने की बात तय हुई थी. 

 

प्रसव के वाद महिला ने बेटा को जन्म दिया. परिजनों का आरोप है कि सिजेरियन ऑपरेशन के दौरान चिकित्सकीय स्तर पर गंभीर लापरवाही हुई और कथित तौर पर गलत नस कट जाने के बाद प्रसूता की हालत बिगड़ती चली गई.

 

परिजनों का कहना है कि हालत बिगड़ने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने मामले को संभालने के बजाय पुलिस की मौजूदगी में महिला को धनबाद रेफर कर दिया. इसके बाद परिजन गंभीर हालत में उसे धनबाद लेकर पहुंचे, जहां सोमवार देर रात उसकी मौत हो गई.

 

प्रसूता की मौत की खबर गांव पहुंचते ही परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया. मंगलवार को ग्रामीण शव लेकर सरिता नर्सिंग होम पहुंचे और अस्पताल के बाहर धरने पर बैठ गए. ग्रामीणों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की उच्चस्तरीय जांच, दोषी चिकित्सक एवं संबंधित कर्मियों पर कार्रवाई तथा अस्पताल की वैधता की जांच की मांग की है.

 

अस्पताल की मान्यता पर भी उठे सवाल

इस घटना के बाद सरिता नर्सिंग होम की मान्यता, पंजीकरण और संचालन की वैधता को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं. ग्रामीणों का कहना है कि जिले में कई निजी अस्पताल और नर्सिंग होम संचालित हो रहे हैं, लेकिन उनकी व्यवस्थाओं और सरकारी मानकों की नियमित जांच कितनी होती है, यह बड़ा सवाल है. हालांकि, सरिता नर्सिंग होम के पास वैध मान्यता है या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभी नहीं की गई है.

 

गौर करने वाली बात यह भी है कि जामताड़ा स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी का गृह जिला है. ऐसे में जिले में निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम की व्यवस्था, चिकित्सकों की उपलब्धता, आवश्यक संसाधनों तथा सरकारी मानकों के अनुपालन को लेकर प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी और भी महत्वपूर्ण हो जाती है.

 

शव को सड़क पर रख कर किया जाम

फिलहाल प्रसूता की मौत के बाद ग्रमीणों ने जमाताड़ा दुमका मार्ग सड़क पर शव रख कर जाम कर दिया है.अस्पताल में भी तोड़फोड़ आक्रोशित ग्रमीणों द्वारा किया गया है.फिलहाल  पूरे मामले में स्वास्थ्य विभाग की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि महिला की मौत के पीछे वास्तविक कारण क्या था और इलाज में किसी प्रकार की चिकित्सकीय लापरवाही हुई थी या नहीं. ग्रामीणों ने जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.

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