Latehar News : जिला मुख्यालय समेंत आसपास के क्षेत्रों में तीन अक्टूबर को जितिया (जीवित्पुत्रिका व्रत) पर्व पारंपरिक रूप से मनाया जा रहा है. इस अवसर पर महिलाओं ने निर्जला उपवास कर अपने संतान की लंबी उम्र और सुख समृद्धि की कामना की.
महिलाओं को सामुहिक रूप से भी जितिया पर्व मनाते देखा गया. शहर के मनोकामना सिद्ध हनुमान मंदिर व श्री वैष्णव दुर्गा मंदिर में महिलाओं ने सामुहिक रूप से जितिया का पर्व मनाया और भगवान शिव व माता पावर्ती की कथा का श्रवण किया.
सब्जियों के भाव आसमान पर
जितिया पर्व को लेकर शहर के चौक चौराहों में सब्जियों के दुकान सज गये हैं. सब्जियों की मांग बढ़ने के कारण कीमतों में भी उछाल देखा जा रहा है. बाजार में झिंगी 400 रुपये किलो, खेकसा 200 रुपये, बोदी 200 रुपये, पोई साग 200 रुपये, पालक 120 रुपये, खीरा 100 रुपये, सेम 100 रुपये, भिंडी 80 रुपये, नेनुआ 60 रुपये, टमाटर 60 रुपये, कांदा 60 रुपये, ओल 60 रुपये और नया आलू करीब 80 रुपये किलो बिक रहा है.
सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि जितिया पर्व के कारण कई सब्जियों की मांग सामान्य दिनों की तुलना में बढ़ गई है, जिसका असर बाजार भाव पर दिखाई दे रहा है. वहीं व्रत रखने वाली महिलाओं ने कहा कि पर्व की परंपरा और पूजा की आवश्यकताओं के कारण बढ़े दाम के बावजूद जरूरी सब्जियों की खरीदारी करनी पड़ रही है.
जितिया पर्व करने से संतान पर आने वाला संकट टल जाता है: त्रिभवुन पांडेय
मनोकामना सिद्धि हनुमान मंदिर के पुजारी त्रिभुवन पांडेय ने बताया कि जितिया (जीवित्पुत्रिका व्रत) अश्विन माह के कृष्ण पक्ष की सप्तमी से नवमी तक मनाया जाता है. जितिया व्रत का महत्व हिंदू धर्म में बहुत अधिक है. संतान की लंबी उम्र और सुखी जीवन के लिए इस पर्व को मनाया जाता है. इस व्रत को रखने से संतान पर आने वाले संकट टल जाते हैं और उनकी उम्र लंबी होती है. उन्होने बताया कि तीसरे दिन चार अक्टूबर को इस वर्ष व्रत का पारण किया जायेगा.

