Latehar: जिला मुख्यालय के वार्ड नंबर 14 के ग्रामीणों ने शुक्रवार को समाहरणालय पहुंच कर उपायुक्त से मुलाकात की और पुनर्वास की व्यवस्था करने की गुहार लगायी. मौके पर नगर पंचायत अध्यक्ष महेश सिंह, वार्ड पार्षद इंद्रदेव उरांव व सांसद प्रतिनिधि अमलेश सिंह ने भी उपायुक्त से मुलाकात की और ग्रामीणों की समस्याओं से अवगत कराया.
ग्रामीणों ने बताया कि वे नगर पंचायत क्षेत्र के वार्ड नंबर 14 के भूमि व गृहविहीन असहाय गरीब हैं. वार्ड नंबर 14 के चंदनडीह ग्राम के खाता नंबर 61, प्लॉवट नंबर 68 व 69 में तकरीबन 300 गरीबी रेखा से नीचे निवास करने वाले पिछले 50 वर्षों से कच्चा खपरैल मकान बना कर नारकीय जीवन जी रहे हैं. ग्रामीणों ने आवेदन में बताया कि अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत जिला प्रशासन ने अतिवृष्टि अवधि में 27 जून 2011 में उनके घर को तोड़ दिया था. अतिक्रमण हटाने से पूर्व जिला प्रशासन के द्वारा पुनर्वास की कोई व्यवस्था नहीं की गयी है.
ग्रामीणों ने आगे बताया कि उन्हें गुमराह करने के लिए जिला प्रशासन के द्वारा पंचायत पांडेयपूरा के ग्राम नावाडीह में खाता नंबर 47, प्लॉट नंबर 368 के तहत 279 परिवारों को दो-दो डिसमिल गैर मजरूआ जमीन बंदोबस्तीत परचा अनुमंडल पदाधिकारी, लातेहार के द्वारा दिया गया था. उन्होंने बताया कि उक्त स्थल पर पूर्वजों के समय से ही जितीया जतरा मेला का आयोजन किया जाता है और उनमें उनका दखल कब्जा है. शेष जमीन पर पुलिस फायरिंग रेंज बनाया गया है.
ज्ञापन में बताया कि जिला प्रशासन के द्वारा दखल दहानी का प्रयास किया गया था, लेकिन के आम ग्रामीणों के द्वारा विरोध किया गया, तब से सरकार की ओर से हम विस्थापित लोगों के लिए पुनर्वास की कोई व्यवस्था नहीं की गयी. यहां तक कि प्रधानमंत्री आवास योजना का भी लाभ भी उन्हें नहीं मिला है.
ग्रामीणों ने वर्ष 2011 के मास्टर प्लान के तहत चंदनडीह में ही उनके पुनर्वास की व्यवस्था करने की मांग की और कहा कि अगर यहां कोई व्यवधान है तो पांडेयपूरा पंचायत के कीनामाड़ ग्राम में उनके पुनर्वास की व्यववस्थाध की जाए.
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