Ranchi: डोरंडा के शौर्य सभागार में शुक्रवार को नशे के खिलाफ दो दिवसीय विशेष जागरूकता सह मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ. कार्यक्रम में नारकोटिक्स नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) के सैफ उमर ने युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील की. उन्होंने कहा कि बेघर, बेरोजगार या निराश लोग अक्सर नशे के आदी हो जाते हैं, जिन्हें सही समय पर काउंसलिंग और इलाज की जरूरत होती है.
केंद्रीय मनोचिकित्सा संस्थान (सीआईपी) के डॉक्टर संजय कुमार मुंडा ने कहा कि तनाव, करियर की चिंता और पारिवारिक समस्याओं के कारण युवा तेजी से नशे की गिरफ्त में आ रहे हैं. वहीं रिनपास के मनोचिकित्सक डॉक्टर सजल अशीष नाग ने बताया कि नशा पीड़ितों के इलाज के लिए रिनपास और सीआईपी में 50-50 बेड की निःशुल्क सुविधा उपलब्ध है.
कार्यक्रम में राज्य में बढ़ते तंबाकू, गांजा और ब्राउन शुगर के चलन पर चिंता व्यक्त करते हुए इस पर सख्त नियंत्रण की जरूरत बताई गई. लोगों को जागरूक करने के लिए मौके पर प्रदर्शनी भी लगाई गई. इस अवसर पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों सहित सीआईपी और रिनपास के डॉक्टर मौजूद रहे.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.


Leave a Comment