Ranchi: दिल्ली के एक होटल में लगी भीषण आग ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. इस हादसे ने देशभर के होटलों में सुरक्षा इंतजामों पर एक बार फिर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं. लोग पूछ रहे हैं कि क्या होटलों में रुकना सुरक्षित है? और क्या कोई हादसा होने पर होटल प्रबंधन स्थिति को संभालने के लिए सक्षम है? दिल्ली में हुई घटना के बाद ऐसे कई सारे सवाल मन में उठ रहे हैं जिसके बारे में लोग बात तो करते थे मगर इसकी जमीनी हकीकत को किसी ने नहीं देखा.

राजधानी रांची की बात करें तो पूरे शहर भर में ऐसे कई सारी जगह है जहां बहू मंजिलें इमारत होटल मौजूद है मगर वहां आने जाने का रास्ता बिल्कुल संकीर्ण है, अगर किसी भी तरह का कोई हादसा होता है तो दमकल की गाड़ी होटल तक पहुंचना असंभव सा लगता है.
रांची ओवरब्रिज से रेलवे स्टेशन की ओर जाने वाले मार्ग पर बहुमंजिला होटलों की पूरी एक श्रृंखला है, जहां रोजाना हजारों यात्रियों का आना-जाना होता है. लेकिन यहां की भौगोलिक और बुनियादी स्थिति बेहद चिंताजनक है. इन होटलों तक पहुंचने के रास्ते इतने संकरे हैं कि यदि कोई अनहोनी हो जाए, तो दमकल की गाड़ियों का वहां तक पहुंचना लगभग असंभव है.

होटलों के चारों तरफ बिजली के तार इस कदर उलझे हुए हैं मानो आसमान में पतंगबाजी की कोई प्रतियोगिता चल रही हो. तारों के ये गुच्छे इतने खतरनाक हैं कि एक छोटा सा शॉर्ट-सर्किट
होती है तो एक नहीं कई सारे होटल उसकी चपेट में आ जाएंगे.
होटल में आपातकाल निकास द्वार
नियमों के मुताबिक, किसी भी बहुमंजिला होटल के लिए पर्याप्त चौड़ा पहुंच मार्ग, स्मोक डिटेक्टर, फायर फाइटिंग सिस्टम और एक आपातकालीन निकास द्वार का होना अनिवार्य है. लेकिन यहां अमूमन हर मानक की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं. अधिकांश होटलों में आपातकालीन द्वार सिर्फ कागजों पर हैं. एंट्री और एग्जिट के लिए सिर्फ एक ही संकरा रास्ता है.
सवालों के घेरे में बिजली विभाग
होटल के चारों तरफ पीछे हुए बिजली के तार को सही तरीका से व्यवस्थित करना बिजली विभाग की जिम्मेवारी है. इस पूरे खतरे में बिजली विभाग की लापरवाही भी साफ उजागर होती है, जिसने एक पोल से दूसरे पोल तक लटकते इन बेतरतीब तारों को सुव्यवस्थित करने में आंखें मूंद रखी हैं. बिजली विभाग को जल्द ही इन सभी चीजों पर ध्यान देना होगा क्योंकि जैसे दिल्ली में हादसा हुआ जिसके बाद दर्जन भर से ज्यादा लोगों की मौत हो गई.
ज्यादा मुनाफा के लिए होटल मालिक लापरवाह
इस जानलेवा लापरवाही के पीछे होटल मालिकों की ज्यादा मुनाफा कमाने की मानसिकता साफ दिखती है. कम से कम जगह में बड़ी इमारतें तो खड़ी कर ली गईं, लेकिन सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया. दिल्ली जैसी त्रासदी से बचने के लिए रांची प्रशासन, बिजली विभाग और होटल मालिकों को इस कड़वी हकीकत को स्वीकार कर तुरंत कड़े कदम उठाने होंगे, वरना किसी बड़े हादसे की जिम्मेदारी लेने के लिए कोई आगे नहीं आएगा.
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