इंजीनियर नियुक्ति पर HC में सुनवाई पूरी, 14 को फैसला, सरकार और JPSC ने 75 मिनट की बहस
लाखों रूपये की लागत से बना छात्रावास
आरोप है कि ये छात्रावास प्राक्कलन के विरूद्ध बनाया गया. इसे चालू करवाने के लिए राजनेता और समाजेवियों ने सकारात्मक पहल नहीं की. यदि इस दिशा में कदम उठाया जाता तो आज छात्रावास छात्रों से गुलजार रहता. सुदूर इलाके के गरीब छात्रों का भविष्य संवर जाता. लाखों रूपये से बना छात्रावास कोई काम का नहीं है. यह जांच का विषय है. ठेकेदार और इनसे संबंधित पदाधिकारियों परर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए थी, जो नहीं हुआ. इसे भी पढ़ें-मॉनसून">https://lagatar.in/raise-the-problems-area-in-monsoon-session-work-in-the-interest-of-the-people-alamgir-alam/">मॉनसूनसत्र में क्षेत्र की समस्याओं को उठा जनता के हित में काम करें कांग्रेसी विधायक : आलमगीर आलम [wpse_comments_template]

Leave a Comment