Ranchi : झारखंड सरकार द्वारा पुलिस के लिए छह सौ से अधिक गाड़ियों की खरीद को लेकर भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने सवाल उठाए हैं. अजय साह ने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था लगातार बिगड़ रही है, लेकिन सरकार का ध्यान अपराध नियंत्रण की जगह प्रचार और दिखावे पर ज्यादा है.
उन्होंने कहा कि जब जमीनी समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं, तब इस तरह की घोषणाएं जनता को गुमराह करने जैसी लगती हैं. अजय साह ने आरोप लगाया कि पीसीआर वैन तक अवैध बालू और कोयला ढोने वाले ट्रकों से वसूली में लगी रहती हैं, लेकिन इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती.
अजय साह ने कहा कि राज्य में अपराध का स्तर इस कदर बढ़ गया है कि धनबाद के एक रेस्टोरेंट मालिक को रंगदारी से परेशान होकर राज्य छोड़ना पड़ा. वहीं राजधानी रांची में दिनदहाड़े गोलीबारी की घटनाएं हो रही हैं. उन्होंने प्रिंस खान का जिक्र करते हुए कहा कि गैंगस्टर खुलेआम धमकी दे रहे हैं, जिससे साफ है कि अपराधियों में कानून का डर खत्म हो चुका है.
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस अधिकारियों की पोस्टिंग का आधार कानून व्यवस्था सुधारना नहीं, बल्कि अवैध कारोबार को संरक्षण देना बन गया है. ऐसे हालात में केवल गाड़ियों की खरीद से कोई बदलाव नहीं आने वाला.
अजय साह ने कहा कि जब पूर्व डीजीपी पर ही आपराधिक गिरोह से जुड़े होने के आरोप लगे हों और मौजूदा डीजीपी की नियुक्ति पर भी सवाल उठ चुके हों, तब सरकार को पहले पुलिस व्यवस्था की विश्वसनीयता बहाल करनी चाहिए. उन्होंने जेल व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जेल अपराधियों के लिए सजा की जगह मौज-मस्ती का अड्डा बनती जा रही है.
उन्होंने कहा कि भाजपा आधुनिक संसाधनों और बेहतर वाहनों के खिलाफ नहीं है, लेकिन जब राज्य में कानून व्यवस्था कमजोर हो, तब केवल गाड़ियों की खरीद कर सुधार का दावा करना सही नहीं है. अजय साह ने हेमंत सोरेन सरकार से अपील की कि वह दिखावे की राजनीति छोड़कर अपराध पर सख्त कार्रवाई करे, ताकि लोगों में सुरक्षा का भरोसा लौट सके.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें


Leave a Comment