Latehar News: गांधी जयंती एवं लाल बहादुर शास्त्री जयंती के अवसर पर शुक्रवार को सदर अस्पताल परिसर में कुष्ठ रोग जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस दौरान लोगों को कुष्ठ रोग के संभावित लक्षणों और समय पर उपचार के प्रति जागरूक किया गया. इसके बाद सिविल सर्जन डॉ राजमोहन खलखो एवं अन्य चिकित्सकों ने हरी झंडी दिखाकर जागरूकता रैली को सदर अस्पताल परिसर से रवाना किया.
रैली में शामिल स्वास्थ्यकर्मियों ने लोगों को कुष्ठ रोग की प्रारंभिक अवस्था में पहचान और उपचार के प्रति जागरूक किया. सिविल सर्जन ने सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को दो से आठ अक्टूबर तक कुष्ठ जागरूकता सप्ताह मनाकर आम लोगों को रोग के संभावित लक्षणों की जानकारी देने का निर्देश दिया.
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उन्होंने बताया कि शरीर पर बदरंग या लालिमा वाले ऐसे दाग, जिनमें सुन्नपन हो, हाथ-पैर में झिनझिनाहट, विकृति या अक्षमता, भौंहों के बाल झड़ना तथा चेहरे, कान या शरीर के अन्य हिस्सों पर गांठ जैसे उभार कुष्ठ रोग के संभावित लक्षण हो सकते हैं. ऐसे लक्षण दिखाई देने पर लोगों से तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या जिला कुष्ठ निवारण कार्यालय से संपर्क करने की अपील की गयी.
उपायुक्त ने जिला वासियों को अपने संदेश में कहा कि कुष्ठ रोग को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ाना जरूरी है. शुरुआती लक्षणों की पहचान कर समय पर जांच और उपचार कराने से बीमारी को नियंत्रित किया जा सकता है. लोगों को कुष्ठ रोग से जुड़े भ्रम और सामाजिक भेदभाव से बचते हुए प्रभावित लोगों के प्रति संवेदनशील व्यवहार करना चाहिए. मौके पर डॉ मारसा तोपनो, डॉ सीमा रानी, डॉ राजेश कुमार, सुनील सिंह, प्रवेज अख्तर, एसटीटी बंधु उरांव, बीटीटी उमानाथ सिंह, सत्य प्रकाश समेत अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौजूद थे.
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