Search

 
 
 

शराब घोटाला : ACB ने सुबह 7:30 बजे दर्ज की थी FIR, टीम 9:30 में पहुंच गई थी विनय चौबे के घर

दोपहर 3:15 बजे विनय चौबे को गिरफ्तार कर लिया गया और शाम को उन्हें कोर्ट के समक्ष पेश किया गया. लेकिन आश्चर्य की बात यह है कि जिस मामले में सुबह-सुबह ACB ने FIR दर्ज कर दो घंटे में कार्रवाई शुरू कर दी, उस मामले में समय रहते चार्जशीट दाखिल नहीं की जा सकी, जिसका लाभ सभी आरोपियों को मिल गया.
 
  • FIR दर्ज करने के 2 घंटे के अंदर ACB की टीम पहुंच गई थी विनय चौबे के घर
  • पर 90 दिन के अंदर नहीं कर पाई चार्जशीट

Ranchi :  शराब घोटाला में आरोपी निलंबित आईएएस अधिकारी विनय चौबे को 90 दिनों के अंदर चार्जशीट दाखिल नहीं होने पर ACB की विशेष कोर्ट से डिफॉल्ट बेल मिल गई है. विनय चौबे ने इस मामले में हाईकोर्ट से भी बेल मांगी थी और ACB की कार्रवाई को चुनौती दी थी. लेकिन हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी. 

 

शराब घोटाला मामले में ACB ने पिछले वर्ष ही अपनी कार्रवाई शुरू कर दी थी. ACB ने इस मामले में 27 सितंबर 2024 को अपनी प्रारंभिक जांच (PE) शुरू की थी. शराब घोटाला केस में जो PE दर्ज हुई थी, उसकी संख्या 03/2024 है.

 

इस PE की जांच के दौरान ACB को शराब घोटाला से जुड़े कई अहम साक्ष्य मिले थे. जिसके आधार पर एजेंसी ने विनय चौबे को नोटिस भेज कर पूछताछ के लिए बुलाया था. लेकिन वह एजेंसी के समक्ष उपस्थित नहीं हुए.

 

ACB ने शराब घोटाला मामले में 20 मई 2025 को प्राथमिकी दर्ज की थी. जिसका कांड संख्या 9/2025 है. यह केस ACB ने सुबह 7:30 बजे दर्ज किया और प्राथमिकी दर्ज होने के दो घंटे के अंदर सुबह 9:30 बजे ACB के अधिकारी विनय चौबे के सरकारी आवास पर धमक गए.

 

दोपहर 3:15 बजे विनय चौबे को गिरफ्तार कर लिया गया और शाम को उन्हें कोर्ट के समक्ष पेश किया गया. लेकिन आश्चर्य की बात यह है कि जिस मामले में सुबह-सुबह ACB ने FIR दर्ज कर दो घंटे में कार्रवाई शुरू कर दी, उस मामले में समय रहते चार्जशीट दाखिल नहीं की जा सकी, जिसका लाभ सभी आरोपियों को मिल गया.

 

 

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें

Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही