Ranchi: खनन और निर्माण कार्य से जुड़ी एक फर्म के नाम पर 36 लाख रुपये का ऋण लेने में कथित फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है. राजधानी के लालपुर निवासी नितिन कुमार साहू ने आरोप लगाया है कि उनकी जानकारी और सहमति के बिना उनके फर्जी हस्ताक्षर का इस्तेमाल कर बैंक से ऋण लिया गया. मामले में फर्म के साझेदारों के साथ-साथ बैंक अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं.
शिकायत के अनुसार, एपेक्स कंस्ट्रक्शन एंड माइनिंग इंटरप्राइजेज नामक फर्म वर्षों से निर्माण और माइनिंग से जुड़े कार्यों में सक्रिय रही है. नितिन साहू का दावा है कि वर्ष 2019 के बाद उनका फर्म के संचालन से कोई संबंध नहीं रहा. इसके बावजूद उनके नाम का उपयोग कर वर्ष 2021 में कैनरा बैंक की मुख्य शाखा से 36 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत करा लिया गया.
मामले का खुलासा तब हुआ जब जून 2026 में बैंक की ओर से ऋण बकाया का नोटिस उनके पते पर पहुंचा. नोटिस में लोन खाते में लाखों रुपये बकाया होने की जानकारी दी गई थी. इसके बाद बैंक पहुंचकर दस्तावेजों की जांच करने पर उन्हें कथित रूप से पता चला कि ऋण संबंधी कागजातों में उनके हस्ताक्षर की कूटरचना की गई है.
आवेदक ने आरोप लगाया है कि माइनिंग फर्म के दस्तावेजों में हेराफेरी कर बैंक को गुमराह किया गया और ऋण की राशि हासिल की गई. उन्होंने इस पूरे प्रकरण में फर्म के अन्य साझेदारों के अलावा बैंक के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत की आशंका भी जताई है.
मामले को लेकर लालपुर थाना में शिकायत दर्ज कराई गई है. पुलिस आवेदन के आधार पर जांच कर रही है. यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला केवल बैंक धोखाधड़ी ही नहीं, बल्कि माइनिंग सेक्टर से जुड़ी एक बड़ी वित्तीय अनियमितता के रूप में भी सामने आ सकता है.
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