Lohardaga : लोहरदगा सदर अस्पताल की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसे देखकर हर कोई हैरान रह गया. एक गर्भवती महिला, जिसकी हालत इतनी नाजुक थी कि डॉक्टरों ने उसे रिम्स रेफर कर दिया, उसे स्लाइन लगी हालत में स्कूटी पर बैठाकर अस्पताल से बाहर निकाल दिया गया.
कैरो प्रखंड के तोड़ांग गांव की यह महिला सोमवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे अस्पताल पहुंची थी. जांच में पता चला कि प्रसव की तारीख को 17 दिन बीत चुके थे, लेकिन डिलीवरी नहीं हुई थी.
हालत गंभीर देखकर डॉक्टरों ने शाम पांच बजे रांची रिम्स रेफर कर दिया और 108 एंबुलेंस लेने की सलाह भी दी. लेकिन परिजनों ने कहा कि उनके पास खुद का वाहन है. इसके थोड़ी देर बाद जो नजारा दिखा वो चौंकाने वाला था.
महिला को स्लाइन लगी अवस्था में स्कूटी पर बैठाकर निकाल लिया गया. स्कूटी पर तीन लोग सवार थे और जो शख्स महिला को ले जा रहा था, वो उसका रिश्तेदार भी नहीं था.
मामला यहीं नहीं रुका. चर्चा है कि महिला को रिम्स की बजाय शहर के किसी निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया. अगर ऐसा है तो सवाल उठता है कि किसी बिचौलिए ने तो इसमें हाथ नहीं आजमाया.
लोहरदगा के सिविल सर्जन डॉ. राजू कच्छप ने कहा कि इस तरह गंभीर मरीज को स्कूटी पर ले जाना जान से खिलवाड़ है. उन्होंने अस्पताल के डीएस और प्रबंधक से पूरी जानकारी मांगी है और जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई का भरोसा दिया है.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें


Leave a Comment