Search

 
 
 

Lohardaga News: देवनद-दामोदर महोत्सव में शामिल हुए राज्यपाल, दामोदर नदी के संरक्षण पर दिया जोर

गंगा दशहरा के अवसर पर लोहरदगा के चूल्हापानी में आयोजित देवनद-दामोदर महोत्सव-2026 में झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने कहा कि नदियां सिर्फ जलधाराएं नहीं, बल्कि हमारी आस्था, संस्कृति और जीवन का आधार हैं. उन्होंने दामोदर नदी को झारखंड की जीवनरेखा बताते हुए इसके संरक्षण को जरूरी बताया.
 

Lohardaga : गंगा दशहरा के अवसर पर लोहरदगा के चूल्हापानी में आयोजित देवनद-दामोदर महोत्सव-2026 में झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने कहा कि नदियां सिर्फ जलधाराएं नहीं, बल्कि हमारी आस्था, संस्कृति और जीवन का आधार हैं. उन्होंने दामोदर नदी को झारखंड की जीवनरेखा बताते हुए इसके संरक्षण को जरूरी बताया.

 

राज्यपाल ने कहा कि आज पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण और जल संकट जैसी समस्याओं का सामना कर रही है. ऐसे समय में नदियों और जलस्रोतों को सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है. उन्होंने कहा कि जलस्रोत सुरक्षित रहेंगे तभी जीवन और विकास के बीच संतुलन बना रहेगा.

Uploaded Image

पूजा करते राज्यपाल 

उन्होंने कहा कि नदियों की स्वच्छता केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के हर व्यक्ति की भागीदारी जरूरी है. उन्होंने युवाओं और सामाजिक संगठनों से पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की अपील की. राज्यपाल ने कहा कि यदि नदियां सुरक्षित रहेंगी तो आने वाली पीढ़ियों का भविष्य भी सुरक्षित रहेगा.

 

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे दामोदर बचाओ आंदोलन के प्रणेता और जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने कहा कि वर्ष 2004 में उन्होंने देखा था कि दामोदर नदी में पावर प्लांट और खदानों का प्रदूषित पानी बहाया जा रहा था. उस समय दामोदर दुनिया की सबसे प्रदूषित नदियों में शामिल थी. इसके बाद गंगा दशहरा के दिन चूल्हापानी से जनजागरण यात्रा निकाली गई, जो कोलकाता तक पहुंची.

 

उन्होंने कहा कि लगातार प्रयास और लोगों के सहयोग से दामोदर अब 95 प्रतिशत तक स्वच्छ हो चुकी है. उन्होंने बताया कि उस समय चलंत प्रयोगशाला के माध्यम से चूल्हापानी से कोलकाता तक नदी के पानी की जांच भी की गई थी.

 

युगांतर भारती के अध्यक्ष अंशुल शरण ने कहा कि दामोदर के उद्गम स्थल को स्थानीय लोग देवनद कहते हैं, इसलिए महोत्सव का नाम देवनद-दामोदर महोत्सव रखा गया. उन्होंने कहा कि राज्यपाल के आगमन से चूल्हापानी की प्राकृतिक, धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को नई पहचान मिलेगी. साथ ही सड़क, पर्यटन, पेयजल, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में भी विकास को बढ़ावा मिलेगा.

 

कार्यक्रम में राज्यपाल ने चूल्हापानी की प्राकृतिक सुंदरता का भी अवलोकन किया. उन्होंने वहां पाकड़ के पेड़ से निकलते जलस्रोत को देखा और पूजा-अर्चना में शामिल हुए. राज्यपाल ने पर्यावरण के अनुकूल पर्यटन विकसित करने की आवश्यकता पर भी सहमति जताई.

 

बताया गया कि झारखंड के राज्यपाल बनने के बाद संतोष कुमार गंगवार पहले ऐसे व्यक्ति हैं, जो चूल्हापानी पहुंचे. यह इलाका कभी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र माना जाता था. राज्यपाल करीब 16 किलोमीटर पहाड़ी और दुर्गम रास्तों से होकर कार्यक्रम स्थल तक पहुंचे. इस मौके पर दामोदर बचाओ आंदोलन के कार्यकर्ता, जिला प्रशासन के अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे.

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.

Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही