New Delhi : गृह मंत्री अमित शाह ने आज लोकसभा में परिसीमन और महिला आरक्षण बिल पर चर्चा का जवाब देते हुए विपक्ष को कटघरे में खड़ा किया. उन्होंने कहा कि बोलने के समय सबने कहा कि हम पक्ष में हैं. लेकिन इंडी अलायंस के सांसदों ने संसद में अगर-मगर, किंतु-परंतु कर महिला आरक्षण का विरोध किया है.
अमित शाह ने कहा कि उन्हें लगा कि इम्प्लीमेंटेशन के तरीके का विरोध किया जा रहा है, लेकिन यह केवल और केवल महिला आरक्षण का विरोध है. यह पेश किये जाने के तरीकों का नहीं, बिल का विरोध है.
VIDEO | In Lok Sabha, Union Home Minister Amit Shah says, "...Everyone knows that a Census was scheduled for 2021, but the biggest pandemic of this century, the COVID crisis, struck that year. Due to the pandemic, conducting the Census was not possible.
— Press Trust of India (@PTI_News) April 17, 2026
After the COVID crisis,… pic.twitter.com/W6kpKI6TgX
अमित शाह ने स्पष्ट किया कि संसद में पेश किये गये बिल का उद्देश्य महिला सशक्तिकरण है. परिसीमन का जिक्र करते हुए कहा कि किसी किसी संसदीय क्षेत्र में 39 लाख वोटर हैं. इसलिए सीटें बढाना जरूरी है.
गृह मंत्री ने कहा कि संविधान में इसका (परिसीमन) अधिकार सरकार के पास है. श्री शाह ने ध्यान दिलाया कि जो लोग सीटें बढ़ाने का विरोध कर रहे हैं, वह इस बात को ध्यान में रखें कि वे एससी-एसटी की सीटें बढ़ाने का भी विरोध कर रहे हैं.
अमित शाह ने कहा कि 1976 से 2026 तक देश की जनता को आबादी के अनुपात में प्रतिनिधित्व नहीं मिला. अगर हम 2029 का चुनाव महिला आरक्षण लागू (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) कर कराना चाहते हैं, तो अभी ही इसे पास कराना पड़ेगा.
गृह मंत्री ने कहा कि 1976 में देश की आबादी 54.89 करोड़ थी. तब जितने सांसद थे, उतने ही आज हैं. अमित शाह ने कहा कि हम सीटें नहीं कम कर रहे, 50 प्रतिशत सीटें हर राज्य की बढ़ा रहे हैं. इससे किसी का प्रो रेटा कम नहीं होगा.
अमित शाह ने जनगणना में देरी के सवाल का जवाब देते हुए कहा, कोविड की वजह से इसमें देरी हुई. सरकार ने 2025 में यह निर्णय लिया कि हम जाति जनगणना कराएंगे. अब जब व्यक्तियों की गणना होगी, तब जाति का कॉलम आने वाला है.
जाति जनगणना सुनिश्चित है. जब बिल्डिंग की गणना होती है, तब धर्म भी नहीं पूछा जाता. हम जाति भी पूछेंगे जब व्यक्ति की गणना होगी. यह प्रस्ताव कैबिनेट से पारित हो चुका है. इसमें कोई कनफ्यूजन नहीं रखना है. ये जाति जनगणना की बात नहीं कर रहे हैं, ये हमें उलझाना चाहते हैं.
अमित शाह ने याद दिलाया कि इंदिरा सरकार ने अपने समय में परिसीमन लाकर 525 से बढ़ाकर सीटें 543 कर इसे फ्रीज दी. इमरजेंसी के समय म कानून लाकर सीटें फ्रीज कर परिसीमन पर रोक लगा दी. आरोप लगाया कि कांग्रेस ने देश को परिसीमन से वंचित रखा था, आज भी कांग्रेस ही परिसीमन पर रोक चाहती है. आज कांग्रेस विपक्ष में बैठकर भी परिसीमन पर रोक लगाना चाहती है.
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