- शशि थरूर, बालू जैसे वरिष्ठ सदस्य क्यों नहीं उन्हें सिखाते.
- स्पीकर सभी सदस्यों के हितों के संरक्षक होते हैं,
- अविश्वास प्रस्ताव पर बोलने खड़ा हुआ हूं, तो माओवाद पर लेक्चर नहीं दे सकता.
New Delhi : लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को हटाने को लेकर लाये गये विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर आज बुधवार को गृह मंत्री अमित शाह ने चर्चा का जवाब दिया. इसके बाद विपक्ष के हंगामे के बीच ही ध्वनिमत से मतदान हुआ और अविश्वास प्रस्ताव गिर गया. अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान के बाद पीठासीन जगदंबिका पाल ने सदन की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी.
इससे पहले अमित शाह ने चर्चा का जवाब देते हुए इस संसदीय राजनीति के लिए अफसोसजनक करार दिया. कहा कि स्पीकर सभी के होते हैं. स्पीकर जब चुने गये थे, तब पक्ष और प्रतिपक्ष, दोनों श्री बिरला को चेयर तक लेकर गये थे. स्पीकर सभी सदस्यों के हितों के संरक्षक होते हैं, अमित शाह ने कहा कि स्पीकर की निष्ठा पर विपक्ष ने सवाल उठाये हैं. लोकतंत्र की साख पर विपक्ष ने सवालिया निशान लगाये हैं.
"This House is not marketplace, members expected to speak according to rules": Amit Shah slams opposition over removal resolution against Speaker
— ANI Digital (@ani_digital) March 11, 2026
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गृह मंत्री ने कहा कि लोकसभा कैसे चलानी है, उसे लेकर इसी लोकसभा ने नियम बनाये हैं. नियमों के विपरीत बोलने का किसी को अधिकार नहीं है. लोकसभा के नियमों को नजरअंदाज करने पर स्पीकर का पवित्र दायित्व बनता है कि वे रोके, टोके और निकाल बाहर करे. ये नियम हमने नहीं बनाये.
शाह ने कहा कि मुगालते में न रहें कि आपके पास कोई विशेषाधिकार है. स्पीकर की निष्ठा पर जिस तरह से सवाल किये गये, वह निंदनीय है. मेरी पार्टी की मान्यता है कि स्पीकर की निष्ठा पर कभी भी शंका नहीं करनी चाहिए. हम ज्यादातर विपक्ष में ही बैठे हैं, लेकिन कभी स्पीकर के खिलाफअविश्वास प्रस्ताव नहीं लाये.
अमित शाह ने कहा कि स्पीकर के फैसले में सुप्रीम कोर्ट भी दखल नहीं दे सकता. यह सुरक्षा उनको संविधान ने दी है. शिष्टाचार है कि सदन नियमों के अनुसार चले, लेकिन कोई भी खड़ा हो जाता है और मर्जी से कुछ भी बोलने लगता है, तो. स्पीकर को बिठा देना पड़ेगा.
अमित शाह ने कहा कि जब अविश्वास प्रस्ताव पर बोलने खड़ा हुआ हूं, तो माओवाद पर लेक्चर नहीं दे सकता. कहा कि शशि थरूर, बालू जैसे वरिष्ठ सदस्य हैं. क्यों नहीं उन्हें सिखाते. स्पीकर को संबोधित करते हुए उनके माध्यम से ही कुछ कहा जा सकता है.
गृह मंत्री ने कहा कि अव्यवस्था, अनुशासन हीनता की स्थिति में स्पीकर को चेतावनी देने, निलंबित, निष्कासित करने का अधिकार है. विपक्ष पर हमलावर होते हुए कहा कि वेल में आकर कागज फाड़कर चेयर पर फेंक कर क्या स्पीकर को असहाय बना देना चाहते हो?
उन्होंने कहा कि गंभीर अव्यवस्था की स्थिति में सदन को स्थगित करना पड़ता है. याद दिलाया कि प्रधानमंत्री की चेयर के पास महिला सांसद जमा हो गयी थी.
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