- स्पीकर हाउस के प्रति जवाबदेह हैं. उसकी डिग्निटी होती है
- राहुल गांधी ने आरोप लगाया, विपक्ष के नेता को नहीं बोलने दिया गया
- मैंने प्रधानमंत्री द्वारा कॉम्प्रोमाइज किये जाने का मुद्दा उठाया
New Delhi : संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण के तीसरे दिन आज बुधवार लोकसभा की कार्यवाही प्रश्नकाल से शुरू हुई, लेकिन विपक्ष ने नरेंदर-सरेंडर के नारे लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया.
विपक्षी सांसदों ने मिडिल ईस्ट वार का भारत पर असर सहित गैस-पेट्रोल के मुद्दे पर चर्चा की मांग की. विपक्ष का हंगामा रुकते नहीं देख सदन दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया. दोपहर बाद सदन की कार्यवाही फिर शुरू हुई.
nt Session: "Last time I raised fundamental questions; multiple times I have been stopped from speaking," says Congress MP and Leader of Opposition Rahul Gandhi (@RahulGandhi) in Lok Sabha.#ParliamentSession #BudgetSession
— Press Trust of India (@PTI_News) March 11, 2026
(Source: Third Party)
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जान लें कि आज भी स्पीकर ओम बिरला को हटाने को लेकर विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा होनी है. इस विषय पर चर्चा के लिए कल 10 घंटे का समय तय किया गया है, अहम बात यह है कि मंगलवार को 7 घंटे तक बहस की जा चुकी है.
VIDEO | Parliament Session: "What is the conduct expected from the Leader of Opposition, I trust he listens to you," says BJP MP Ravi Shankar Prasad (@rsprasad) to Congress MP Venugopal in Lok Sabha.#ParliamentSession #BudgetSession
— Press Trust of India (@PTI_News) March 11, 2026
(Source: Third Party)
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जानकारी के अनुसार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज इस चर्चा का जवाब देंगे. आज भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने बहस की शुरुआत करते हुए कहा कि आजादी के बाद इतने वर्षों में दूसरी बार स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर बहस हो रही है.
भाजपा सांसद ने कहा कि स्पीकर के पद और अविश्वास को टूल बनाना कतई उचित नहीं है. इस क्रम में उन्होंने बाबा साहेब आंबेडकर का जिक्र करते करते हुए कहा, स्पीकर हाउस के प्रति जवाबदेह हैं. उसकी डिग्निटी होती है. लेकिन स्पीकर के खिलाफ बहुत कुछ कहा गया है.
रविशंकर प्रसाद ने कहा कि स्पीकर के पद ने संसद में बहुत उतार-चढ़ाव देखे हैं. राहुल गांधी ने कहा कि यह चर्चा लोकतंत्र और स्पीकर की भूमिका पर है. लेकिन कई मौकों पर मेरा नाम लिया गया.
हर समय हमें बोलने से रोका गया. आखिरी बार अपनी बात रखते हुए मैंने प्रधानमंत्री द्वारा कॉम्प्रोमाइज किये जाने का मुद्दा उठाया था. वे पहले सत्र की बात कह रहे थे.
राहुल गांधी ने कहा कि सदन देश का प्रतिनिधित्व करता है. आरोप लगाया कि पहली बार विपक्ष के नेता को नहीं बोलने दिया गया.पीएम कॉम्प्रोमाइज्ड. इस पर रविशंकर प्रसाद ने तुरंत जवाब दिया, - नेवर... नेवर... नेवर.
पीएम मोदी का भारत कभी कॉम्प्रोमाइज्ड नहीं होगा. उन्होंने कहा कि इनको(राहुल गांधी ने) बेसिक समझदारी भी नहीं है. रविशंकर प्रसाद ने कहा कि स्पीकर की कई बार चेयर घेरी गयी है. उन पर कागज फेंके गये , लेकिन वह मुस्कराते रहे हैं.
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