New Delhi : लोकसभा स्पीकर ओम बिरला द्वारा आज मंगलवार को 64 देशों के साथ विचारों का आदान प्रदान करने के लिए पार्लियामेंट्री फ्रेंडशिप ग्रुप्स (PFG) का गठन किये जाने की सूचना है. सूत्रों के अनुसार PFG का मकसद दूसरे देशों के साथ संसदीय कूटनीति को मजबूत करते हुए वैश्विक मंच पर भारत की संसद की एकजुट लोकतांत्रिक आवाज को प्रस्तुत करना है.
Following the success of #OperationSindoor, Hon’ble PM Shri @narendramodi ji had proposed the formation of Parliamentary Friendship Groups to enhance engagement between India & other nations.
— Kiren Rijiju (@KirenRijiju) February 24, 2026
Hon’ble Speaker Shri @ombirlakota ji has now constituted these groups with more than 60… pic.twitter.com/NgAdfyOMwL
यह जानकारी केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने दी है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया कि ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद पीएम मोदी ने भारत और अन्य देशों के बीच संवाद बढ़ाने के लिए PFG बनाने का सुझाव दिया था. इस पर अमल करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ने इसका (पार्लियामेंट्री फ्रेंडशिप ग्रुप्स) गठन कर दिया है.
खबरों के अनुसार गठित 64 ग्रुप्स में लोकसभा और राज्यसभा के कुल 704 सांसद शामिल हैं. हर ग्रुप में एक लीडर और 10 सदस्य शामिल किये गये हैं. सबसे ज्यादा 30 ग्रुप लीडर भाजपा के हैं. इस क्रम में कांग्रेस के 10, समाजवादी पार्टी, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम और तृणमूल कांग्रेस के 3-3 सांसद ग्रुप लीडर बनाये गये हैं.
भाजपा के ग्रुप लीडर्स में हेमा मालिनी, मनोज तिवारी, निशिकांत दूबे सहित अन्य नाम शामिल हैं इसके अलावा कांग्रेस से शशि थरूर, टीएमसी से अभिषेक बनर्जी और एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन औवेसी भी ग्रुप लीडर्स में शामिल किये गये हैं.
इसके अलावा सांसद रवि शंकर प्रसाद, डॉ एम थंबीदुरई, पी चिदंबरम, प्रोराम गोपाल यादव, टीआर बालू, डॉ काकोली घोष दस्तीदार, गौरव गोगोई, कनिमोझी करुणानिधि, मनीष तिवारी, डेरेक ओ’ब्रायन, अखिलेश यादव, के.सी. वेणुगोपाल,सुप्रिया सुले, अनुराग सिंह ठाकुर, श्रीकांत एकनाथ शिंदे और प्रफुल्ल पटेल सहित कई अन्य नेता भी शामिल किये गये हैं. हालांकि अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि PFG के सदस्य किस तरह से काम करेंगे,
याद करें कि केंद्र की मोदी सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद दुनियाभर के देशों में भारत का पक्ष रखने के लिए पिछले साल 17 मई को 59 सदस्यों वाले डेलिगेशन की घोषणा की थी. इसमें 51 सांसद और 8 राजदूत शामिल किये गये थे. डेलिगेशन में NDA के 31 और 20 अन्य दलों के नेता शामिल किये गये थे. डेलिगेशन दुनिया के 33 देशों में भेजे गये थे.
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