- अगर वो मेरी नहीं हुई, तो मैं जीकर क्या करूंगा...
- झारखंड में इश्क का ऐसा जुनून
- टावर पर चढ़ने लगे प्रेमी-प्रेमिका
- डेढ़ साल में 6 युवक-युवती ने 'वीरू स्टाइल' ड्रामा दोहराया
Ranchi : अगर वो मेरी नहीं हुई, तो मैं जीकर क्या करूंगा...तेरे नाम की कसम, तुझे पाए बिना नीचे नहीं उतरूंगा...अक्सर बॉलीवुड फिल्मों में इस तरह के डायलॉग सुनने को मिलते हैं.
कभी प्रेमी अपनी प्रेमिका के लिए पहाड़ों और छत से कूदने को तैयार दिखता है तो कभी प्रेमिका अपने प्यार को पाने के लिए पूरी दुनिया से लड़ जाती है. बड़े पर्दे पर यह सब रोमांस और जुनून का हिस्सा लगता है. लेकिन अब ऐसी कहानियां झारखंड में भी दिखाई देने लगी है.
राज्य में पिछले डेढ़ साल के दौरान प्रेम प्रसंग को लेकर 6 से अधिक ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां प्रेमी या प्रेमिका अपने प्यार को पाने के खातिर मोबाइल टावर पर चढ़ गए.
इनमें गढ़वा में 2, गिरिडीह में 1, धनबाद में 1, बोकारो में 1 और रांची से जुड़ा 1 मामला शामिल है. इनमें चार मामलों में प्रेमी टावर पर चढ़ा. जबकि दो मामलों में प्रेमिका ने अपने प्यार को पाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाल दी.
गढ़वा का मामला सबसे अधिक चर्चा में
राज्य के अलग-अलग हिस्सों में प्रेम को पाने का जुनून लगातार देखने को मिल रहा है. लेकिन गढ़वा जिले का मामला सबसे ज्यादा चर्चा में रहा. यहां महज डेढ़ महीने के भीतर दो युवक प्रेम प्रसंग को लेकर मोबाइल टावर पर चढ़ गए.
वहीं गिरिडीह में एक युवक ने 200 फीट ऊंचे टावर पर चढ़कर पूरे इलाके की सांसें रोक दीं. धनबाद में प्रेमी को पुलिस हिरासत से छुड़ाने के लिए प्रेमिका टावर पर चढ़ गई. जबकि बोकारो में प्रेमिका से मिलने से रोके जाने पर युवक ने टावर पर चढ़कर हंगामा किया.
इन घटनाओं में एक समानता साफ दिखती है, टावर पर चढ़ने वाले प्रेमी या प्रेमिका की एक ही जिद होती है, जब तक हमारी मांग पूरी नहीं होगी, हम नीचे नहीं उतरेंगे.
घंटों चलता है हाई वोल्टेज ड्रामा
जैसे ही किसी युवक या युवती के टावर पर चढ़ने की खबर फैलती है, पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच जाती है. टावर के नीचे ग्रामीणों, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की भीड़ जुट जाती है.
कोई प्यार से समझाता है, कोई परिवार और भविष्य का हवाला देता है, तो कोई हाथ जोड़कर नीचे उतरने की गुहार लगाता है. कई बार घंटों तक चले ड्रामे के बाद ही स्थिति सामान्य हो पाती है.
कई मामलों में पुलिस को प्रेमिका या परिजनों को मौके पर बुलाना पड़ा, तब जाकर युवक नीचे उतरा. वहीं कुछ घटनाओं में रिश्तेदारों के आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ.
सिर्फ प्रेमी नहीं, प्रेमिकाएं भी जोखिम में डाल रहीं जान
दिलचस्प बात यह है कि इन मामलों में केवल प्रेमी ही नहीं, बल्कि प्रेमिकाएं भी अपने प्रेम को पाने के लिए जान जोखिम में डाल चुकी हैं. कहीं प्रेमी को छुड़ाने की मांग तो कहीं शादी कराने की जिद को लेकर युवतियां भी टावर पर चढ़ चुकी हैं.
प्यार या खतरनाक जुनून?
फिल्मों में वीरू पानी की टंकी पर चढ़कर बसंती से शादी की जिद करता था. आज के दौर में कुछ युवा मोबाइल टावर को ही अपनी मांग मनवाने का माध्यम बना रहे हैं.
यह घटनाएं जहां लोगों का ध्यान आकर्षित करती हैं, वहीं एक गंभीर सवाल भी छोड़ जाती हैं कि क्या प्यार को साबित करने के लिए जान जोखिम में डालना जरूरी है?
प्यार जीवन को संवार सकता है, लेकिन टावर पर चढ़कर आत्महत्या की धमकी देना न तो प्रेम का प्रमाण है और न ही किसी समस्या का समाधान. फिल्मों में कहानी का अंत सुखद हो सकता है, लेकिन वास्तविक जिंदगी में एक गलत कदम कई परिवारों की खुशियां हमेशा के लिए छीन सकता है.
पिछले डेढ़ साल में सामने आए ऐसे कई मामले...
- 2 जून 2025 : रांची की एक युवती पश्चिम चंपारण (बिहार) में प्रेमी से शादी की मांग को लेकर करीब 50 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गई.
- 29 जनवरी 2026 : बोकारो के हरला थाना क्षेत्र में प्रेमिका से मिलने से रोके जाने पर एक युवक 150 फीट ऊंचे टावर पर चढ़ गया.
- 2 मई 2026 : गढ़वा जिले के रंका थाना क्षेत्र में एक युवक प्रेमिका से शादी करने की जिद पर 145 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गया और करीब नौ घंटे तक हाई वोल्टेज ड्रामा चला.
- 17 मई 2026 : धनबाद के गोमो में प्रेमी को पुलिस हिरासत से छुड़ाने की मांग को लेकर प्रेमिका मोबाइल टावर पर चढ़ गई.
- 18 मई 2026 : गिरिडीह जिले के बेंगाबाद में संजय रजक करीब 200 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गया और प्रेमिका से शादी की मांग करने लगा. इस घटना की तुलना फिल्म शोले के वीरू से की गई.
- 14 जून 2026 : गढ़वा के खरौंधी में प्रेम प्रसंग को लेकर एक युवक एयरटेल के मोबाइल टावर पर चढ़ गया. प्रेमिका के आने और समझाने के बाद वह नीचे उतरा.

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